गाजीपुर। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि ऋण माफी के नाम पर सरकार ने किसानों के साथ छल किया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ करने का वादा किया था लेकिन सच्चाई यह है कि योजना के तहत कई-कई किसानों को छह से दस रुपये तक का चेक दिया गया है। यही नहीं, हजारों ऐसे किसान कर्जमाफी से वंचित रह गए हैं, जिनके ऊपर अभी भी एक लाख और उससे अधिक का कर्ज है।
किसान मुक्ति यात्रा के जिले में आगमन पर बुधवार को नगर के सरजू पांडेय पार्क में आयोजित सभा के दौरान ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करते हैं। हालात ऐसे हैं कि आमदनी तो दोगुनी नहीं होगी लेकिन कर्ज दोगुना जरूर कर देंगे। कहा, वर्तमान में सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों की हालत बदतर है। आत्महत्या करने और हाथ पर हाथ धर कर बैठने से काम नहीं चलेगा। किसानों को अपने हक-हकूक के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा। सम्मान की जिंदगी पाने के लिए उसे खुद खड़ा होना पड़ेगा।
बताया कि इन मुद्दों पर देश को जगाने के लिए किसान मुक्ति यात्रा निकाली जा रही है। चौथे चरण में यह यात्रा चंपारण से दो अक्तूबर को इस उद्देश्य से शुरू की गई है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी मोदी सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करें। पहले चरण में मंदसौर, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली तथा दूसरे चरण में यात्रा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर में निकाली गई। तीसरे चरण में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल एवं कर्नाटक में यात्रा निकल चुकी है। 20 नवंबर को देश के विभिन्न हिस्सों से अन्नदाता दिल्ली पहुंच कर संसद के शीतकालीन अधिवेशन के समानांतर अपनी किसान संसद चलाएंगे।