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Varanasi: 1.40 करोड़ की डकैती मामले में अब तक चार जेल गए, दो नामजद सहित 9 की तलाश

Tue, 13 Jun 2023 12:03 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के बैजनत्था स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात की फर्म के कार्यालय में डाका डालकर 1.40 करोड़ रुपये की लूट हुई थी। इस मामले में अबतक चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। 
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पुलिस की गिरफ्त में तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के बैजनत्था स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात की फर्म के कार्यालय में डाका डालकर 1.40 करोड़ रुपये की लूट के मामले में तीन और आरोपी सोमवार को जेल भेजे गए। तीनों आरोपियों की पहचान प्रयागराज जिले के शिवकुटी थाने के सलोरी के घनश्याम मिश्र, प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना के पूरेमहंत गांव के वसीम खान और सुल्तानपुर जिले के कादीपुर थाना के बुढ़ाना के प्रदीप पांडेय के तौर पर हुई है। इससे पहले बीते नौ जून को शिवपुर क्षेत्र के नवलपुर का सच्चिदानंद राय उर्फ मंटू राय गिरफ्तार कर जेल भेज गया था।

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इस तरह से प्रकरण में अब तक चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं, सारनाथ क्षेत्र के तिलमापुर के अजीत मिश्रा और गुजरात के जगदीश पटेल के अलावा सात अज्ञात असलहाधारी बदमाशों की पुलिस को तलाश है।

29 मई की रात हुई थी डकैती, चार जून को हुआ मुकदमा

भेलूपुर थाने में बीते चार जून की देर रात गुजरात निवासी विक्रम सिंह ने अजीत मिश्रा और 12 अज्ञात असलहाधारियों के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। विक्रम के अनुसार उसकी फर्म के एक करोड़ 40 लाख रुपये 29 मई की रात उसके कार्यालय से लूट लिए गए थे।

उसके कार्यालय से लूटे गए रुपये में से 92.94 लाख रुपये 31 मई को पुलिस ने खोजवां स्थित शंकुलधारा पोखरे के समीप खड़ी लावारिस कार से बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में आरोपियों से मिलीभगत का आरोप साबित होने पर तत्कालीन इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे सहित सात पुलिस कर्मी बर्खास्त किए जा चुके हैं। उधर, दिल्ली से पकड़ कर लाए गए घनश्याम, प्रदीप और वसीम को सोमवार को अदालत में भेलूपुर थाने के एक दरोगा प्रभाकर सिंह ने पेश किया।

इस पर तीनों आरोपियों के अधिवक्ता ने आपत्ति जताई और कहा कि मुकदमे के विवेचक क्यों नहीं उपस्थित हुए। इसे लेकर अदालत ने आदेश दिया कि मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर भेलूपुर राजेश कुमार सिंह तीन दिन में स्पष्टीकरण में प्रस्तुत करें कि वह आरोपियों को लेकर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित क्यों नहीं हुए।

गुजरात के जगदीश की पहल पर घटना को दिया गया अंजाम

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से स्पष्ट हुआ है कि वारदात को गुजरात के हवाला कारोबारी जगदीश पटेल की पहल पर अंजाम दिया गया। जगदीश पटेल को पता था कि बड़ी मात्रा में नकदी वाराणसी ले जाई जा रही है। जगदीश पटेल ने अपने परिचित वसीम खान से कहा कि रकम ले जाने वाले के पास उसका बड़ा बकाया है। यदि उसे रकम मिल जाएगी तो सहयोग करने वालों को वह उचित हिस्सा देगा। वसीम ने अपने परिचित प्रदीप पांडेय से संपर्क किया।

प्रदीप पांडेय ने अपने परिचित घनश्याम मिश्रा से संपर्क किया। घनश्याम मिश्रा ने अपने परिचित अजीत मिश्रा से संपर्क किया। इस पर अजीत मिश्रा ने कहा कि वह अपने परिचित पुलिस कर्मियों की मदद से आसानी से यह काम करा देगा। इस तरह से जगदीश, वसीम, प्रदीप, घनश्याम और अजीत ने आपसी सहमति से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

वारंट जारी कराने को कानूनी प्रक्रिया कर रहे पूरी

इंस्पेक्टर भेलूपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी अजीत मिश्रा की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। उसके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराने के लिए कागजी प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। उधर, कानूनी जानकारों ने बताया कि विवेचना के क्रम में बर्खास्त पुलिस कर्मियों का नाम भी भेलूपुर थाने में दर्ज मुकदमे में आएगा तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। इसके साथ ही विवेचना राजपत्रित अधिकारी को स्थानांतरित हो जाएगी।
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गुजरात के कारोबारी ने दर्ज कराया बयान

जिस फर्म के कार्यालय से एक करोड़ 40 लाख रुपये लूटने के आरोप में भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है, उससे संबंधित कारोबारी कमलेश शाह ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर भेलूपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी के अनुसार पैसा लेकर वह प्रयागराज तक आया था। इसके बाद प्रयागराज से उसका स्टाफ विक्रम सिंह पैसा लेकर वाराणसी गया था। पैसे के संबंध में वह कागजात प्रस्तुत कर देगा। गौरतलब है कि विक्रम सिंह ने जो मुकदमा दर्ज कराया है उसकी तहरीर में उसने लिखा है कि वह बनारस में पैसे का कलेक्शन कर अपने कार्यालय में रखा था। इस तरह से फर्म के मालिक और स्टाफ के बयान विरोधाभासी निकले हैं।
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