संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री, आचार्य के साथ ही पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा की परीक्षाएं वाराणसी में 72 समेत देश भर में बने 349 केंद्रों पर मंगलवार से शुरू हो गई। परिसर के साथ ही यूपी और उसके बाहर बने केंद्रों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। 28 जुलाई से कॉपियां जमा होने लगेंगी। शुचिता और पारदर्शिता के लिहाज से कैमरे की नजर में परीक्षा कराई जा रही है। जिस हॉल में कॉपियां रखवाई जाएंगी, वहां भी सीसीटीवी से निगरानी होगी।
विश्वविद्यालय परिसर में दो पाली (सुबह 7 से 10 और दोपहर 2 से 5 बजे तक) में कराई गई। पहले दिन शास्त्री और आचार्य के 1522 परीक्षार्थियों में 139 अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में केंद्राध्यक्ष प्रो. हरिशंकर पांडेय, सहायक केंद्राध्यक्ष डॉ. रविशंकर पांडेय की देखरेख में शास्त्री प्रथम में 511 में 455 और शास्त्री तृतीय में 368 में 358 ने परीक्षा दी।
दूसरी पाली के केंद्राध्यक्ष प्रो. रामपूजन पांडेय, सहायक केंद्राध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल ने बताया कि शास्त्री द्वितीय, आचार्य द्वितीय सेमेस्टर में कुल 643 परीक्षार्थियों में 570 शामिल हुए। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी देने के साथ ही संबंधित जिले के डीएम, एसएसपी को भी पत्र भेजा गया है। उड़ाका दल की टीम का भी गठन किया गया है।