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तीस बेड का अस्पताल तो ईटीपी अनिवार्य

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वाराणसी। मेडिकल बायोवेस्ट निस्तारण में लापरवाही पकड़ में आने के बाद तीस बेड के ऊपर वाले अस्पतालों में ईटीपी (इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) को अनिवार्य कर दिया गया है। अस्पताल से जुड़े अधिकारी इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। साथ ही हर माह इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भी देनी होगी।
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अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के दौरान भारी मात्रा में मेडिकल बायो वेस्ट निकलता है। निस्तारण की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण इसे अस्पताल परिसर में ही फेंक दिया जाता है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में बनारस दौरे पर आए एनजीटी पूर्वी यूपी के चेयरमैन न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर, मंडलीय अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में मेडिकल बायो वेस्ट निस्तारण में लापरवाही पकड़ी थी। इसके बाद सीएमओ को लखनऊ तलब कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। तीस बेड के ऊपर वाले अस्पतालों में ईटीपी अनिवार्य करने के निर्देशों का अब असर दिखने लगा है। कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर के पास इसका काम शुरू हो गया है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि पंद्रह दिन में ईटीपी का संचालन शुरू हो जाएगा।
मेडिकल बायो वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था न करने के मामले में सीएमओ कार्यालय की ओर से जिले के 10 अस्पतालों का पंजीकरण निरस्त किया जा चुका है। सीएमओ ने बताया कि अस्पतालों को नोटिस भी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 137 चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया था। इसमें आधे से अधिक अस्पतालों में मानकों का पालन नहीं हो रहा था। 10 ऐसे अस्पताल थे, जिन्होंने नोटिस के बाद भी मानकों का पालन नहीं किया। इन सभी का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही कमेटी गठित कर अस्पतालों का निरीक्षण कराया जा रहा है।
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