वाराणसी। छात्रों की पिटाई की घटना के बाद शहर के पांच थानों की फोर्स, एक कंपनी पीएसी और स्वाट टीम के साथ तीन क्षेत्राधिकारी चेतगंज थाने पहुंचे। रात करीब ग्यारह बजे पुलिस ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ के हॉस्टलों में चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान पुलिस को सब कुछ सामान्य मिला। इसके बाद पुलिस ने चेतगंज क्षेत्र में पैदल गश्त की।
इससे पहले छात्रों की पिटाई के दौरान चेतगंज थाने के सामने और आसपास के क्षेत्र में भगदड़ मच गई थी। प्रदर्शन और फिर छात्रों की पिटाई के कारण लहुराबीर चौराहा से चेतगंज मार्ग पर काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।
उधर, पिटाई मामले में छात्रों ने पुलिस को कसूरवार ठहराया है। काशी विद्यापीठ के पुस्तकालय मंत्री अमित यादव ने बताया कि एबीवीपी से जुड़े छात्र चेतगंज थाने पर एक कार्यक्रम के आयोजन के लिए इजाजत लेने गए थे। इस दौरान चेतगंज इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्रता की और इजाजत देने से मना कर दिया। जब छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें धक्का मार कर थाने से बाहर कर दिया। इसके बाद नाराज छात्र थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। अचानक इंस्पेक्टर चेतगंज और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।
गुल हुई बिजली, एक-दूसरे को लगीं पुलिसकर्मियों की लाठियां
थाने के बाहर धरना दे रहे छात्रों की पुलिस ने पिटाई के दौरान बिजली गुल हो गई। इससे भगदड़ मच गई और कुछ पुलिसकर्मी गिर कर घायल हुए तो कुछ ने लाठियों से अपने साथियों पर ही प्रहार कर दिया। हालांकि घायल पुलिसकर्मियों का कहना था कि उन पर छात्रों ने हमला किया है।