वाराणसी। धूम्रपान निषेध दिवस पर बुधवार को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों से धूम्रपान न करने की अपील की गई। वहीं, चित्रों के माध्यम से बताया गया कि धूम्रपान सेहत के लिए कितना हानिकारकहै।
धूम्रपान छोड़ने के लिए मार्च महीने के दूसरे बुधवार को ‘धूम्रपान निषेध दिवस’ मनाया जाता है। बताया कि इस दिन का मुख्य संदेश ‘धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान की बुरी आदत से छुटकारा दिलाने में उन्हें सहयोग करें’ लोगों को दिया गया और उन्हें आगे आने का आह्वान किया गया। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा मंडलीय अस्पताल में नशा उन्मूलन केंद्र चलाया जाता है। यहां लोगों को हर दिन तंबाकू से छुटकारा पाने के लिए नि:शुल्क परामर्श की सुविधा है। जिला परामर्शदाता डॉ. सौरभ प्रताप सिंह ने बताया कि तंबाकू पीना या चबाना सबसे बुरी आदतों में से एक है। धूम्रपान का प्रभाव खांसी, गले में जलन, सांस लेने में परेशानी और कपड़ों की दुर्गंध के साथ शुरू होता है। इसकी वजह से त्वचा पर धब्बे और दांतों का रंग ख़राब (दांतों का पीलापन) हो जाता है। इन सबके अलावा हृदय रोग, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, स्ट्रोक और विभिन्न प्रकार के कैंसर भी होते हैं।