वाराणसी के सफाईकर्मियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे नाराज हो कर दशाश्वमेध घाट पर सफाई कर्मियों ने कूड़ा फेंककर विरोध जताया। तनख्वाह नहीं मिलने से आक्रोशित सफाईकर्मियों ने काम का बहिष्कार करते हुए घाट पर कूड़ा बिखराकर प्रदर्शन भी किया।
मामले की जानकारी होने पर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के जल्द ही वेतन दिलाने के आश्वासन पर सफाई कर्मी काम पर लौटे। हेरिटेज जोन के तहत आने वाले 14 वार्डों की सफाई का जिम्मा इन्फ्रा इंस्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंसियल (ILFS) को दिया गया है।
यह नगर निगम से सीएसआर फंड के जरिए तीन साल में लगभग 24 करोड़ रुपये सफाई के लिए लेती है। 14 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने, सफाई और घाटों की धुलाई की जिम्मेदारी इसके पास है। इसके कार्यक्षेत्र में 20 घाट आते हैं। सफाई कर्मी पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण भड़क उठे।
उनका कहना था कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा वह काम नहीं करेंगे। इस दौरान दो घंटे से अधिक समय तक काम प्रभावित रहा। प्रदर्शन में श्रवण भारती, राजू भारती, दिलीप कुमार भारती और सोनचंद्र वाल्मिकी सहित काफी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।
प्रोजेक्ट हेड अनुपम मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन माह से निगम से पैसा नहीं मिलने के कारण सफाई कर्मियों को वेतन नहीं दिया जा सका है। उच्चाधिकारियों से बात हो गई है। दो से तीन दिनों के अंदर सभी को वेतन दे दिया जाएगा।