वाराणसी। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शनिवार को जिला गंगा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें घाटों पर कपड़ा धोने और साबुन का प्रयोग करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा गंगा में वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण रोकने के लिए नाविकों से वार्ता कर सीएनजी और इलेक्ट्रिक नावों के संचालन का फैसला हुआ। गंदगी फेंकने और यूरीनल करने वालों से भी जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया गया। गंगा किनारे कुछ होटलों से सीवर व गंदा पानी गंगा में जाने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया।
जिला गंगा समिति की बैठक में मणिकर्णिका घाट पर शव दाह के बाद कपडे, बांस व अन्य सामग्रियों के गंगा में बहाये जाने से हो रहे प्रदूषण पर चर्चा हुई और तय किया गया कि स्थानीय लोगों से इसे रोकने के लिए समन्वय बैठक की जाएगी। टूटे शीशे प्रवाहित करने वालों पर दंड लगाने का निर्णय लिया गया। धोबी घाट होने के बावजूद भी घाटों पर ही कपड़े धोने और साबुन का इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना वसूलने के लिए जिलाधिकारी ने कहा। बैठक में नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल, एडीएम सिटी विनय कुमार, नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक राजेश शुक्ला सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।