वाराणसी। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय व हथकरघा वस्त्रोद्योग निदेशालय कानपुर के तत्वावधान में चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में हथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी का समापन शुक्र वार को हुआ। 15 दिसंबर से लगी इस प्रदर्शनी में पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्पादों के तीस स्टाल लगाए गए थे, जिसमें यहां के बुनकरों व कारीगरों की नायाब कारीगरी लोगों को खासा पसंद आई। सर्दी के चलते यहां कश्मीर, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर व मिर्जापुर के वुलेन कपड़ों से लेकर रजाई व कंबल भी लोगों क ी पसंद बने रहे।
एक जिला-एक उत्पाद योजना में शामिल सिल्क व जीआई उत्पादों की बड़ी रेंज एक्सपो में प्रदर्शित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बनारसी साड़ी, सिल्क ब्रोकेड, सहारनपुर के वुडेन कार्विंग आदि उत्पादों का प्रचार प्रसार व बुनकरों को बेहतर कारोबार दिलाना रहा। हथकरघा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. नितेश धवन ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से प्रवासी भारतीय सम्मेलन, कुंभ मेले व जीआई उत्पादों का प्रचार किया जा रहा है। इसके लिए प्रदर्शनी में थीम पवेलियन भी बनाया गया था। प्रदर्शनी के आखिरी दिन भी लोगों की भीड़ वूलेन उत्पादों पर ज्यादा दिखी। समापन अवसर पर राष्ट्रीय हतकरघा विकास संस्थान के बेनी रंजन दास ने एक्सपो में आए बुनकरों को सम्मानित किया।