यूपी कॉलेज परिसर स्थित राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालॉजी (आरएसएमटी) में शनिवार को डायरेक्टर्स कॉनक्लेव का आयोजन किया गया। ‘भारत में तकनीकी शिक्षा : चुनौतियां, अवसर व दृष्टिकोण’ विषयक कॉनक्लेव में बतौर मुख्य अतिथि काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था के कुछ अंग अति विकसित हैं, वहीं कुछ अत्यंत कमजोर अवस्था में। हमारी शिक्षा व्यवस्था ने ज्यादा से ज्यादा स्कॉलर तो दिए हैं पर सक्षम प्रतिभा का हमेशा अभाव रहा।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा को फैशन की जगह पैशन से लें। कहा कि तकनीकी और प्रबंध शिक्षा के लिए भारतीय परिप्रेक्ष्य में नीतियां बनानी होंगी। भारतीय नीति नियंताओं को आत्म निरीक्षण करने की जरूरत है। उन्होंने परंपरागत ज्ञान और संस्कृति को तकनीकी के साथ जोड़ने का आह्वान किया। महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसके काक ने कहा कि तकनीकी एवं प्रबंधन संस्थाआें को आधुनिकतम और अद्यतन सोच से लैस कर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि उदय प्रताप एजूकेशन सोसाइटी के प्रबंधक समिति के सदस्य प्रो. एनके सिंह ने कहा कि संस्कृति और मानवीय मूल्यों को तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। स्वागत आरएसएमटी के निदेशक डॉ. डीबी सिंह ने किया। संचालन नीतू रंजन अग्रवाल ने किया। कॉनक्लेव में डॉ. प्रीति सिंह, संजय सिंह, महेश प्रताप सिंह, अनुराग सिंह, स्नेहा सिंह, प्रीति नायर, रामेश्वरी आदि मौजूद रहीं।