वाराणसी। बीएचयू परिसर का माहौल फिर गरमाने लगा है। पिछले दिनों आगजनी, रास्ता जाम के बाद अब नया मामला चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह द्वारा छात्र-छात्राओं को लेकर दिए गए एक बयान से जुड़ गया है। बुधवार को इसको लेकर छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर धरना देकर नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर ने एक इलेक्ट्रानिक मीडिया को दिए गए बयान में सितंबर में छेड़खानी के विरोध में धरने के दौरान पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक्स पीने का जिक्र किया था। करीब तीन घंटे तक चला धरना नौ बजे लंका एसओ के आश्वासन पर खत्म हुआ।
शाम छह बजे करीब बीस छात्र-छात्रा चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने बताया कि छेड़खानी के विरोध में चल रहे धरने के दौरान किसी अधिकारी ने कोई सुधि नहीं ली और अब चीफ प्रॉक्टर की ओर से इस तरह का बयान देने से छात्र-छात्राएं आहत हैं। करीब एक घंटे तक बाहर बैठने के बाद चीफ प्रॉक्टर ने सभी को अंदर बुलाया, वहां छात्र उनके कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए और आरोप लगाते हुए माफी मांगने की बात पर अड़े रहे। सूचना पाकर पहुंचे लंका एसओ ने समझा-बुझाकर छात्रों को शांत कराया। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है, कहा कि अगर माफी नहीं मांगी तो सभी सामूहिक रूप से कुलपति को ई मेल भेजकर शिकायत करेंगे।