वाराणसी। असलहे के लाइसेंस का नवीनीकरण कराना अब आसान नहीं होगा। अब उन्हें पुलिस लाइन में दो दिन का कैप्सूल कोर्स करना होगा। आर्मोरर और प्रतिसार निरीक्षक उन्हें प्रशिक्षण देंगे, जिसके उपरांत प्रमाणपत्र जारी होगा। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही असलहे के लाइसेंस का नवीनीकरण हो पाएगा।
जिले में तकरीबन चार हजार असलहा धारक हैं। इनमें ज्यादातर लोगों के पास रिवाल्वर और पिस्टल का लाइसेंस है। एक बार में तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। हर पांच साल बाद जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट के बाद असलहों का नवीनीकरण किया जाता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होता है। नवीनीकरण के लिए शूटिंग रेंज में फायरिंग कराने का प्रावधान है लेकिन अमूमन प्रभावशाली लोग घर बैठे ही नवीनीकरण करा लेते हैं। अब शासन ने इसमें सख्ती की है। डीएम और एसएसपी को भेजे गए शासनादेश के मुताबिक नवीनीकरण का आवेदन करने वालों को पुलिस लाइन में दो दिन का कैप्सूल कोर्स करना जरूरी होगा। इस दौरान आवेदन करने वालों को असलहा चलाने और उसके रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस विभाग उन्हें प्रमाणपत्र देगा, जिसके आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।