वाराणसी। पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम से आने वाली सर्द हवाओं के झोंके के चलते शुक्रवार को गलन बढ़ गई। मौसम में अचानक बदलाव से वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में फुटपाथों पर जिंदगी गुजारने वाले गरीबों, मेनतकश मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठंड के चलते शाम को कोहरे का प्रकोप बढ़ गया। इससे रेल, सड़क और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। ठंड से दिनभर लोग घरों में दुबके रहे। बहुत जरूरी काम से ही बाहर निकले और शाम को जल्दी घर वापस हो गए।
बाबतपुर मौसम कार्यालय के अनुसार अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर गया। इससे ठंड और बढ़ गई। दिन में सूरज तो दिखाई दिए मगर धूप नहीं खिली। बीएचयू के मौसम विज्ञानी डॉ. राजीव भाटला के अनुसार पूर्वांचल से पश्चिमी विक्षोभ पार कर बिहार तक पहुंच गया है। कोल्ड फ्रंट का असर पूरे पूर्वांचल सहित मैदानी भागों में है। इससे गंगा बेसिन से लगे इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इस कोल्ड फ्रंट का असर जैसे ही कम होगा पीछे से पश्चिमी विक्षोभ का एक और झटका तीन दिन बाद आएगा। ऐसे में पूर्वांचल में कम से कम एक सप्ताह तक सर्द हवाओं के साथ ठंड और गलन का सिलसिला जारी रहेगा।