वाराणसी। ‘आवर्तन’ के मंच पर नवांकुरों ने सोमवार को कन्हैया लाल स्मृति भवन में काशी की ठुमरी-दादरा को जीवंत किया। दादरा और ठुमरी गायिका सुचरिता गुप्ता के शिष्यों ने सिद्धेश्वरी देवी और पं. अनोखे लाल को संगीत के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आरंभ दीप प्रज्ज्वलन, गणेश वंदना और राधा-कृष्ण की स्तुति से की गई।
संगीतमय संध्या की शुरुआत नन्हे संगीतकारों ने ठुमरी की बंदिश प्यारी-प्यारी अंखियां राधे की... से की। इसके उपरांत नवांकुरों ने राग मांड में चतुरंग प्रस्तुति जाओ-जाओ श्याम, राग खमाज में बंदिश की बनारसी ठुमरी ना मानूंगी उनके मनाए बिना... की बेहतरीन प्रस्तुति की। डॉ. विलंबिता वाणी सुधा ने राग महाविहान और ख्याल राग व राग पीलू में जब दादरा प्रस्तुत किया तो दर्शक भी गुनगुना उठे। राहुल त्रिपाठी व निहारिका सिंह ने बनारस की धरोहर दादरा माना मोर कहना राधे... सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में बच्चों ने राग भैरवी की ठुमरी तथा कबीर के भजन को सुनाकर पूरे माहौल को सूफियाना कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और विशिष्ट अतिथि महापौर मृदुला जायसवाल रहीं। इस दौरान विधायक सौरभ श्रीवास्तव, नील रतन सिंह, पं. राजेश्वर आचार्य, पं. हरिराम द्विवेदी, अमिताभ भट्टाचार्य, पं. कुमार अजय, डॉ. सुभाष यादव, आलोक पारिख को सम्मानित किया गया। अतिथियों का सम्मान तबला वादक ललित कुमार ने किया। संचालन सुमन पाठक, अल्पना रायचौधरी, डॉ. ओपी दूबे तथा आलोक द्विवेदी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सचिव सुचरिता गुप्ता व सौरभ श्रीवास्तव ने किया।