वाराणसी। द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर अभिषेक करने वाले भारत धर्म महामंडल के पांच पदाधिकारी बुधवार को निलंबित कर दिए गए। इन पर कूटरचित अभिलेख बनाने के साथ ही संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर उच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पीठ पर चयन व अभिषेक करने का आरोप है।
पांचों पदाधिकारियों के गुरुवार शाम शंकराचार्य के चयन के लिए होने वाली बैठक में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। इससे 36 सदस्यीय आल इंडिया काउंसिल के सदस्यों की संख्या 31 ही रह गई है। चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने बताया कि संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त और लोगों को भी चिह्नित कर लिया गया है। उन पर भी जल्द कार्रवाई होगी।
भारत धर्म महामंडल लहुराबीर स्थित कार्यालय में देर रात तक चली बैठक में स्वामी स्वरूपानंद का ज्योतिष्पीठाधीवर पद पर अभिषेक करने वाले पांच पदाधिकारियों पर निलंबन का निर्णय लिया गया। इसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्य नारायण पांडेय, शशि नंदन लाल दर, ज्वाइन सेक्रेटरी सत्येंद्र मिश्र, डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी, दिनेश मणि तिवारी शामिल हैं।
निलंबन की कार्रवाई के बाद 31 सदस्यीय आल इंडिया काउंसिल के सदस्यों की सूची को नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि वैध सदस्यों की सूची गुरुवार को होने वाली बैठक के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दी जाएगी ताकि अनाधिकृत और निलंबित सदस्य बैठक में प्रवेश न कर सके।
बैठक में महामंडल के अध्यक्ष दयानिधि मिश्र, जनरल सेक्रेटरी प्रो शंभू उपाध्याय, रेजीडेंट सेक्रेटरी राजेश राय, समन्वयक भाल शास्त्री, सहायक मंत्री केपी वर्मा, श्रीप्रकाश पांडेय समेत कई लोग शामिल रहे।