वाराणसी। ज्ञानवापी हाता परिसर में फूलमाला की दुकानें तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को विश्वनाथ गली व्यवसायिक समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री के संसदीय दफ्तर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। व्यवसायियों ने कहा कि बिना किसी सूचना के उनकी दुकानें रात को तोड़ दी गईं। इससे उनका बड़ा नुकसान हुआ है और वह आजीविका चलाने के लिए परेशान हो गए हैं। ज्ञापन में दुकानें तोड़वाने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
समिति के उपाध्यक्ष नवीन गिरि के नेतृत्व में 50 से अधिक विश्वनाथ गली के व्यवसायी दिन के 11:30 बजे पीएम के संसदीय दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने कार्यालय प्रभारी शिव शरण पाठक को ज्ञापन दिया। पाठक ने सीईओ से फोन पर बात कर प्रकरण की जानकारी ली। सीईओ ने उन्हें बताया कि मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत प्रशासन आसपास के जर्जर भवनों को खरीद कर गिरवाया जा रहा है। मिर्जापुर कोठी और व्यास भवन के बीच कुछ लोग अतिक्रमण कर फूलमाला बेचते थे। जबकि वहां किसी को दुकान आवंटन नहीं किया गया है। अवैध रूप से फूलमाला बेचने वालों को हटाया गया है। इससे पहले व्यवसासियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में दुकानें तोड़े जाने के लिए सीईओ को जिम्मेदार ठहराया गया है। दुकानदारों का कहना था कि दुकानें तोड़े जाने से वह भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। ज्ञापन देने वालों में मुन्ना पाठक, महेश साहनी, संजीव रत्न मिश्र समेत तमाम लोग शामिल थे।