वाराणसी। काशी में गुरुवार को राम विवाह पंचमी पर उत्सवी माहौल रहा। मंदिरों में मंगलचार के साथ महिलाओं ने नृत्य किया। कहीं ढोल-नगाड़ों पर बधाई बजी तो कहीं नयनाभिराम झांकियां सजाई गईं। अस्सी स्थित पंजाबी भगवान के आश्रम से शाम को बग्घियों, घोड़ों से सुसज्जित राम बारात निकाली गई। इस दौरान संतों, संन्यासियों की सवारियां रथों पर बाराती के रूप में निकलीं। काशी के विद्वानों के अलावा सैकड़ों की तादाद में महिलों मंगलगान करती चल रही थीं।
राम जानकी मठ से बैंडबाजे के साथ शाम तीन बजे राम बारात निकाली गई। महंत राजकुमार दास की मौजूदगी में घोड़े, बग्घी और रथों पर बारात सज धज कर निकली। फूलों से सुसज्जित पालकी में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के स्वरूपों को विराजित कराया गया था। मठ से निकली बारात अस्सी, पद्मश्री चौराहा से लंका, संकट मोचन, मानस मंदिर मार्ग, दुर्गाकुंड से रवींद्रपुरी होते हुए पुन: मठ पहुंची। मानस की चौपाई -टूटत ही धनु भयेहु बिबाहू... के सस्वर गान हो रहे थे। मठ में जयमाल, लावा परिछन के कन्यादान की रस्म पूरी की गई। इसके बाद विवाह हुआ। विवाह मंडप को बेला, चंपा, गुलाब, रजनीगंधा के फूलों से सजाया गया था। बारात में हाईकोर्ट के वकील सीएल पांडेय, समाज सेवी किशन जालान, अखिलेश खेमका, सिया वल्लभ दास, श्रवण दास, राम अभिलाष दास, सर्वेश्वर शरण दास, गोविंद शर्मा समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए। मठ के प्रभारी राम लोचन दास ने बताया कि शुक्रवार की शाम राम कलेवा होगा।