वाराणसी। सिगरा थाना अंतर्गत परेड कोठी स्थित वनस्पति घी और टूथपेस्ट व ब्रश एजेंसी के मुनीम अशोक गुप्ता की हत्या और 11 लाख लूट की गुत्थी दूसरे दिन बुधवार को भी न सुलझ सकी। अशोक के शव के बाएं हाथ के बगल में खून से लिखा ‘विकाश’ पुलिस के लिए रहस्य बन गया है। दो दिन की पूछताछ के बाद भी पुलिस इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी कि आखिरकार विकाश कौन है। एजेंसी का गोदाम मैनेजर विकास है या सेल्समैन विकास है या फिर कोई और...। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने एजेंसी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ के साथ ही परेड कोठी क्षेत्र के छह संदिग्धों को हिरासत में लिया है और सभी से पूछताछ जारी है।
वनस्पति घी और टूथपेस्ट व ब्रश कारोबारी कमल अरोड़ा की परेड कोठी में एजेंसी है। मंगलवार की भोर पुलिस को एजेंसी के मैनेजर राकेश चौबे और सिक्योरिटी गार्ड गंगाराम यादव से सूचना मिली कि मुनीम अशोक गुप्ता की नुकीले हथियारों से गोद कर हत्या कर दी गई है। इसके साथ ही बदमाश लगभग 11 लाख रुपये लूटकर सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उठा ले गए हैं। पुलिस ने गंगाराम यादव और गोदाम मैनेजर विकास को हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ की लेकिन हत्या और लूट का मामला स्पष्ट नहीं हो सका। इसके साथ ही सिगरा पुलिस अब तक एजेंसी के आसपास के 11 होटलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटा चुकी है। मगर, यह पता नहीं लगा कि सोमवार की आधी रात बाद से मंगलवार की भोर के बीच एजेंसी में कौन आया और गया। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि एजेंसी के लॉकर से मिले 25 लाख रुपये कारोबारी कमल अरोड़ा के मुंबई से वापस आने पर उन्हें सौंप दिए गए हैं। संदिग्धों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम जारी है। वारदात को करीबियों ने ही अंजाम दिया है और वे जल्द बेनकाब होंगे।
दो या अधिक लोगों ने वारदात को दिया अंजाम
मुनीम हत्याकांड और लूटपाट में दो या इससे अधिक बदमाश संलिप्त रहे होंगे। मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों का ऐसा मानना है। पुलिस के अनुसार जिस निर्मम तरीके से अशोक की हत्या की गई है, वैसा कर पाना एक बदमाश केे बस की बात नहीं है। अशोक की हत्या से पहले उनके और बदमाशों के बीच संघर्ष हुआ। लूटपाट में खुद को सफल न होता देख बदमाशों ने अशोक की हत्या की और फिर डीवीआर उठाकर भाग निकले।