वाराणसी। बीएचयू कला संकाय के पूर्व प्रमुख प्रो. कुमार पंकज समेत आठ लोगों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों में दो शिक्षक और कुलपति कार्यालय के एक कर्मचारी का भी नाम शामिल है। सभी पर षडयंत्र कर जांच कमेटी गठित कराने और परेशान करने का आरोप है।
डॉ. ज्ञान प्रकाश ने तहरीर में प्रो. कुमार पंकज पर कूट रचना कर पत्रांक संख्या के साथ 25 सितंबर 2017 को विश्वविद्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित कराने का आरोप लगाया है। कहा है कि कला संकाय के कर्मचारी से संबंधित पत्र अंकित कराया और डिस्पैच रजिस्टर पर चढ़वाया। इसकी पुष्टि कला संकाय कर्मचारी अनुशासन समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में की है। यह पत्र 6 नवंबर 2017 को रजिस्ट्रार कार्यालय में दिया गया। इसके बाद कुलपति कार्यालय में तैनात जी. सुरेश ने नोटिफिकेशन जारी किया। जो पत्रांक संख्या अंकित की गई है, वह 25 सितंबर 2017 के बाद की है।
डॉ. ज्ञान प्रकाश के मुताबिक, 7 मार्च 2018 को मिले आरटीआई के जवाब में भी उनका नाम उन शिक्षकों की सूची में नहीं था, जिसके खिलाफ जांच कमेटी गठित हुई। अपने को दलित उत्पीड़न के मामले में गवाह बताते हुए डॉ. ज्ञान प्रकाश ने यह भी आरोप लगाया कि कुमार पंकज ने अपने पक्ष में बयान देने के दबाव बनाया। मामले की जांच एसआई अमरेंद्र कुमार को सौंपी गई है।