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बीएचयू अस्पताल से गिरफ्तार सात दलाल भेजे गए जेल

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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल से गिरफ्तार सात दलालों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। उनके खिलाफ मरीज को बंधक बनाने और रंगदारी मांगने सहित अन्य आरोपों में लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की शिनाख्त सामने घाट मदरवा के धनेश्वर सिंह, छित्तूपुर के बृजेश कुमार पटेल, करौंदी के देवाशीष कुंदू, रोहनिया के बसंतपट्टी के संतोष सिंह, आशीष कुमार सिंह व घनश्याम सिंह और चंदौली के अलीनगर थाना के बसरतिया के सुरेंद्र कुमार मिश्रा के तौर पर हुई है।
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आरोपियों के पास से बरामद डायरियों में दर्ज लंका के 24 दवा दुकानदारों और 13 डॉक्टरों के नाम-पते की पुलिस तस्दीक कर रही है। साथ ही सभी की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार, जल्द ही इस मामले में कुछ अन्य लोग भी गिरफ्तार किए जाएंगे। लोहता थाना अंतर्गत खुलासपुर निवासी प्रवीण सिंह ने लंका थाने में मंगलवार को तहरीर दी थी। प्रवीण के अनुसार उनके गले में समस्या थी। उसने दोस्त पंकज तिवारी के साथ बीएचयू में गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार से परामर्श लिया। ओपीडी से बाहर आने पर तीन लोग मिले और दवा पर्ची बनाने के बहाने सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की निर्माणाधीन बिल्डिंग की ओर ले गए और एक कमरे में बैठा दिए।
कमरे के बाहर मौजूद तीन अन्य युवकों ने दवा पर्ची छीन ली और कहा कि आठ हजार रुपये दो तो दवा लाकर दें। प्रवीण ने कहा कि वह खुद दवा खरीद लेगा तो तीनों ने धमकाया। कहासुनी होने पर घनश्याम नाम का शख्स आया और कहा कि इसे छोड़ दो, बाहर मौजूद लोगों में चर्चा हो रही है। इसके बाद प्रवीण लंका थाने पहुंचे और दलालों से दवा की पर्ची वापस दिलाने की मांग की। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच चल रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जाएगा।
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अस्पताल प्रशासन और छात्रों के गुट की वजह से बढ़ी सक्रियता
पूछताछ में गिरफ्तार सातों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बीएचयू अस्पताल प्रशासन और छात्र गुटों की मदद से सर सुंदरलाल अस्पताल में दलाल सक्रिय हुए। तीन साल पहले तक बीएचयू अस्पताल में आठ से 10 दलाल सक्रिय थे, मगर अब उनकी संख्या 60 से 65 है। मरीजों की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उनका मनोबल बढ़ता गया। जिला जेल में निरुद्ध कुमार मंगलम, रूपेश तिवारी, पवन मिश्रा और गौरव सिंह दलालों से प्रतिमाह चार से पांच हजार रुपये लेते थे। समस्या आने पर चिह्नित छात्र अस्पताल के कर्मचारियों और अधिकारियों की मदद से समाधान करा लेते थे। मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के साथ ही पूर्वांचल के सोनभद्र और मिर्जापुर से आने वाले मरीज व तीमारदार दलालों के निशाने पर रहते हैं।
रोयाना सिंह को दो मामलों में बयान देने के लिए नोटिस
एमसीए के छात्र गौरव सिंह की हत्या की साजिश रचने की आरोपी बीएचयू की चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लंका पुलिस की ओर से दो मामले में प्रो. रोयाना को पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी की गई है। पुलिस के अनुसार, बीते दिनों पत्रकार को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था। साथ ही एक छात्रा ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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