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शहर के सभी शिवालयों में उमड़े शिव भक्त

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वाराणसी। महाशिवरात्रि पर शहर के सभी शिवालयों में भक्तों का हुजूम उमड़ा। सुबह से ही दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे थे। शूलटंकेश्वर से लेकर मारकंडेय महादेव मंदिर तक जय शिव शंभू की गूंज सुनाई देती रही। घरों में भी पूजन के साथ कल्याण की कामना की गई।
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सोमवार सुबह आरती के बाद शिवालयों में दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। शूलटंकेश्वर, कर्दमेश्वर, तिलभांडेश्वर, सारंगनाथ, गौरी केदारेश्वर, जागेश्वर, महामृत्यंजय, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, भीमाशंकर, बैजनाथ, गौतमेश्वर, विश्वेश्वर, नीलकंठ महादेव सहित सभी शिव मंदिरों में भक्तों की कतार लगी रही।
जंगमबाड़ी स्थित मठ में ईस्ट लिंग पूजा का आयोजन हुआ। इसमें दक्षिण भारत के कई प्रदेशों के श्रद्धालु शामिल हुए और व्रत रखकर पूजा की। मठ के संत चंद्रशेखर शिवचार्य ने बताया कि दो घंटे तक चलने वाली इस पूजा में प्रत्येक व्यक्ति अपने ईस्ट लिंग की पूजा करता है और इसे हमेशा साथ रखता है। यह शिवलिंग पत्थर का होता है, जिसके ऊपर एक आवरण चढ़ा रहता है। किसी भी तीर्थ स्थल पर इसकी पूजा करने से दस गुना अधिक लाभ मिलता है।
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वाराणसी। गोयनका संस्कृत विद्यालय, अस्सी स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। सुबह पुजारी दादा ने बाबा का शृंगार कर आरती उतारी। 11 वैदिक ब्राह्मणों ने बाबा का रुद्राभिषेक किया। वेद मंत्रों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। यहां पीपल वृक्ष के नीचे विराजमान सिद्धेश्वर महादेव स्वयंभू हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि पीपल वृक्ष के नीचे स्थापित शिवलिंग के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां भजनों की प्रस्तुति भी हुई।
सारनाथ। सारंगनाथ महादेव मंदिर में भोर से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। श्रद्धालुओं बाबा का जलाभिषेक करने के बाद लंगर छका। लंगर की व्यवस्था बीबी नरेंद्र कौर ने की थी।
सारनाथ। भगवान भोलेनाथ की शिव बरात तिलमापुर गांव से निकलकर सारंगनाथ महादेव मंदिर पर पहुंची। बराती ऊंट, रथ व बैल गाड़ियों पर बैठकर निकले। महादेव के स्वरूप बैलगाड़ी पर बैठकर आगे बढ़ रहे थे। बरात में रामसीता, ब्रह्मा, विष्णु सहित कई अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी शामिल थीं। सारंगनाथ शिव मंदिर में बरात का भव्य स्वागत किया गया। बरात में शामिल श्रद्धालु विंग कमांडर अभिनंदन का भी पोस्टर लेकर चल रहे थे।
नई बस्ती लक्सा से शिव बारात का आयोजन किया गया। बैंड बाजे की धुनों पर श्रद्धालु खूब थिरके। लाली घाट स्थित लाली बाबा आश्रम में विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन किया गया। शिवाला घाट स्थित कठिया बाबा आश्रम में विशेष पूजन किया गया। इस दौरान 16 ब्राह्मणों द्वारा अभिषेक और महारुद्र यज्ञ किया गया। रथयात्रा के छोटी गैबी स्थित गैवेश्वर नाथ अखाड़े में विशाल फलाहारी भंडारा का आयोजन किया गया। मानव जागृति सेवा समिति की ओर से पातालेश्वर महादेव मंदिर में फलाहार भंडारा का आयोजन किया गया।
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