वाराणसी। आठ साल बाद इस बार संपूर्णानंद विश्व विद्यालय में विद्वानों को स्वामी करपात्री महाराज स्मृति पुुरस्कार दिया जाएगा। वर्ष 2010 के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इस पुरस्कार को देना भूल गया था, लेकिन इस बार यह पुरस्कार दिया जा रहा है। इसमें आठ विद्वानों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा हर साल एक विद्वान को स्वामी हरिहरानंद सरस्वती करपात्री स्वामी स्मृति पुरस्कार दिया जाता रहा है, लेकिन वर्ष 2010 के बाद से यह पुरस्कार नहीं दिया जा रहा था। कई विद्वानों ने पत्र भी लिखा। इस बार कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल इस पुरस्कार को देने की तैयारियां कर रहे हैं। कुलपति ने बताया कि पिछले आठ साल से इस पुरस्कार को बंद किया गया था। अब फिर से यह पुरस्कार दिया जा रहा है। इसके लिए सात फरवरी को राज्यपाल को आमंत्रित किया गया है, जो इस पुरस्कार को देंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सूची के अनुसार वर्ष 2011 का पुरस्कार आचार्य रेवा प्रसाद द्विवेदी, 2012 आचार्य जगन्नाथ शास्त्री तैलंग, 2013 आचार्य रमाशंकर त्रिपाठी, 2014 आचार्य गणपति शास्त्री एताल, 2015 आचार्य कृष्णमूर्ति घनपाठी, 2016 आचार्य राजनाथ त्रिपाठी, 2017 आचार्य नरेन्द्र नाथ पांडेय और 2018 का पुरस्कार आचार्य विश्वेश्वर शास्त्री द्रविड़ को दिया जाएगा।