वाराणसी। नेपाल की खूबसूरती नरउर में दिखेगी तो जयापुर केन्या और जापान के विलायती रंग में नजर आएगा ककरहिया। प्रवासियों की आवभगत के लिए परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने मनमोहक तैयारी की है। प्रवासी भारतीयों का अनूठे अंदाज से इस्तकबाल करने में बच्चे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव के स्कूल के बच्चों का उत्साह तो दूना है। प्राथमिक विद्यालय जयापुर से लेकर नागेपुर व ककरहिया और बीता जन्मदिन जिन बच्चों के साथ प्रधानमंत्री ने मनाया, वहां के बच्चे पूरे उत्साह के साथ प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों में जुट गए हैं।
21 से 23 जनवरी के बीच काशी में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले प्रवासी भारतीयों के आतिथ्य और सत्कार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भी खुश हैं। इसका जिक्र स्वयं उन्होंने प्रवासियों के आमंत्रण पत्र में किया है। सम्मेलन के लिए पीएम के गोद लिए गांव के विद्यालय खास तैयारी में हैं। प्राथमिक विद्यालय जयापुर केन्या देश को प्रदर्शित करने जा रहा है, वहीं प्राथमिक विद्यालय नागेपुर कतर देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है। ऐसे ही प्राथमिक विद्यालय ककरहिया के बच्चे जापान की संस्कृति व सामाजिक ताने-बाने से रूबरू कराने वाले हैं। बीते 17 सितंबर को पीएम ने अपना जन्मदिन प्राथमिक विद्यालय नरउर के बच्चों के साथ मनाया था। यहां के बच्चे नेपाल और भारत के रिश्तों को अनूठे ढंग से दर्शाने की कोशिश में लगे हैं। कोई यहां के ध्वज बनाने में तो कोई यहां के राष्ट्रगीत को दीवारों पर सजा रहा है। पीएम से अनूठा रिश्ता गांठे ये बच्चे उनके मेहमानों के आवभगत की तैयारी में लगे हैं।