ज्ञानपुर। रविवार की रात आई आंधी के कारण जिले की बिजली व्यवस्था तार-तार हो गई। कहीं तार तो कहीं पेड़ों की डालियां टूट कर गिर गईं। साथ ही तंबू-कनात उखड़ने से वैवाहिक आयोजनों में खलल पड़ा। धूल के गुबार के बीच बारातियों में भगदड़ मच गई। इसके चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखा गया। करीब दो सौ गांवों की बिजली गुल रही। सोमवार को दिन भर चले मरम्मत कार्य के बाद शाम को आपूर्ति बहाल हो सकी।
रविवार की देर रात जिले में चक्रवाती तूफान ने सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर डाला। सबसे ज्यादा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा। सोमवार को ग्रामीण इलाकों में पूरे दिन बिजली गायब रही। नगरीय इलाकों में चार घंटे की कटौती के बाद दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन गांवों में दिनभर बिजली ग़ुल रहने से लोग बेहाल हो गए। बिजली के कारण होने वाले खेती-बारी के कार्य बाधित हो गए। डीघ, अभोली, औराई के गांवों में बिजली कटौती ने लोगों की कुछ ज्यादा ही मुश्किलें बढ़ाईं। तूफान के चलते कई टीनशेड उड़ गए और आम की फसल बर्बाद हो गई। भारी मात्रा में आम के फल झड़ गए। लोग सुबह कच्चे आम वाहनों पर लादकर मंडियों में पहुंचे। आम को चोट लग जाने के कारण औने-पौने दाम पर बेचा गया। रात करीब साढ़े 10 बजे शुरू हुई आंधी के तेवर देखकर लोग सहम गए। आंधी ने शादी समारोह में भी खलल डाली। ज्ञानपुर क्षेत्र के भिदिउरा गांव में आई बारात का टेंट उखड़कर गिर गया। उस समय बाराती खाना खा रहे थे। आंधी आने के बाद बारात में खलबली मच गई। हालांकि फिर लोग टेंट से निकलकर सुरक्षित स्थान पर खड़े हो गए। आंधी के चलते तार टूटने से दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पेड़ों की डालियां जहां-तहां टूटकर गिर गईं। इससे कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित हुआ। हालांकि लोगों ने रास्ता साफ कर दिया। इससे आवागमन शुरू हो गया। आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया।