वाराणसी। जलकल विभाग के कर्मचारियों का फर्जीवाड़ा करने का प्लान उस समय फेल हो गया जब बिल बुक के पन्नों के गायब होने की जानकारी विभाग के अधिकारियों को मिल गई। विभाग के अधिकारियों ने एक ओर जहां इन पन्नों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी, वहीं संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई है। साथ ही, अन्य बिल बुकों की जांच की जा रही है।
मार्च माह में सभी विभागों की वसूली जोर-शोर से होती है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। इस तरह के फर्जीवाड़े का एक मामला जलकल विभाग के कचहरी स्थित कार्यालय का सामने आया है। जानकारी मिलते ही विभाग के अधिकारी सक्रिय ह्रो गए और उस बिल के नंबर को सार्वजनिक करते हुए उसके प्रयोग पर रोक लगा दी है। जानकारी के अनुसार वसूली में इस्तेमाल होनेे वाले फार्म दो के बुक संख्या 14104 के दो पन्ने सोलह फरवरी से गायब हैं। इसकी जानकारी विभाग के सचिव सीवी यादव को मिली। सीबी यादव ने इस बुुक की पूरी जांच कराई, जांच में पता चला कि दो पेज गायब हैं।
इस पर तत्काल बुक को कब्जे में ले लिया साथ ही इस साल प्रयोग होने वाले सभी बुकों की जांच भी की जा रही है। सचिव ने बताया कि सादे पेज होने के चलते कर्मचारी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। संबंधित थाने में इसकी सूचना भी दी गई। इसके बाद भी अगर किसी कर्मचारी द्वारा इन गायब पन्नों का प्रयोग किया जाता है तो उसको अमान्य करते हुए कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार तीन चार साल पहले भी जलकल विभाग से बिल बुक के पन्ने गायब हुए थे, जिसमें तीन चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।