सेवापुरी/वाराणसी। अब बिना आईडी जनरेट कराए विकास कार्य नहीं करा सकेंगे। सीडीओ ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। अभी तक बिना आईडी जनरेट कराए काम कराकर भुगतान कराया जाता था। ऐसे भी मामले सामने आए, जिसमें एक काम पर कई बार भुगतान कराए गए। अमर उजाला में घोटाले की लगातार खबरें प्रकाशित होने पर प्रशासन ने यह आदेश दिया है। प्रशासन के इस कार्रवाई से अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायतों में हड़कंप मचा है।
जिले के सभी ब्लाकों में ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों ने एलईडी स्ट्रीट लाइट, खड़ंजा, पीएम आवास समेत अन्य कामों बगैर कार्य योजना और आईडी जनरेट कराए ही कराए। कई मामलों की शिकायत के बाद जांच की गई। जिसमें गोलमाल सामने आया। इसकी जद में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी आए। इन पर कार्रवाई भी की गई। लगातार गोलमाल के मामले सामने आने पर प्रशासन ने आईडी जनरेट कराए बगैर कार्य कराने पर रोक लगा दी है। अब पुराने कार्य हो या नए सभी का आईडी जनरेट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। आईडी जनरेट होने पर एक कोड नंबर मिलेगा साथ ही कार्य सरकारी वेबसाइट पर कार्य से संबंधित विवरण दिखने लगेगा। इससे एक कार्य पर दोबारा भुगतान नहीं कराया जा सकता। तीन लाख रुपये तक खर्च होने वाले धन का आईडी जनरेट एडीओ पंचायत व इसके ऊपर होने वाले धन के खर्च का आईडी जनरेट जिला पंचायत राज अधिकारी करेंगे।
सीडीओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि बार-बार शिकायतें मिल रहीं थी कि बगैर आईडी जनरेट कराए ही लोग कार्य करवाकर सरकारी धन हड़प रहे हैं। आईडी जनरेट होने के बाद कार्य होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। जिले के सभी बीडीओ को आईडी जनरेट करवाने के लिए निर्देशित किया गया है।