वाराणसी। रामनगर में बचे 12 ऊंट फिर राजस्थान जाएंगे। बृहस्पतिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम नीतेश कुमार सिन्हा की कोर्ट ने बचे सभी ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ फाउंडेशन को सौंपा। वहीं, कोर्ट ने माना कि वाराणसी में पुलिस द्वारा पशुपालकों को ऊंट सौंपे जाने के दौरान चार ऊंटों की मौत यह स्पष्ट करता है कि वाराणसी में ऊंट रखने के अनुकूल माहौल नहीं है। इसलिए ऊंटों को राजस्थान के सिरौही भिजवाया जाए। अदालत में गौ फाउंडेशन का पक्ष अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने रखा।
27 जून को रामनगर पुलिस ने भीटी हाईवे के पास से ट्रक में लदे 16 ऊंट को जब्त किया था। सभी ऊंट को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट ने राजस्थान भेजे जाने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया था। इसके खिलाफ जिलाधिकारी की तरफ से सत्र के समक्ष निगरानी याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद 30 सितंबर को जिला जज की कोर्ट ने मामले की दोबारा सुनवाई के बाद फैसला देने का आदेश दिया था। भीटी स्थित हाते में बंद एक ऊंटनी की मौत हुई। इसके बाद अन्य बचे सभी 15 ऊंट को रामनगर पुलिस ने पशु पालकों को सौंप दिया। इस बीच तीन और ऊंटों ने दम तोड़ दिया।
गौ फाउंडेशन पक्ष के अधिवक्ता सौरभ तिवारी के अनुसार अदालत ने थानाध्यक्ष, विवेचक रामनगर को सभी बचे 12 ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने गौ ज्ञान फाउंडेशन को सभी बचे 12 ऊंटों को सिरोही राजस्थान ले जाने के लिए स्वयं परिवहन खर्च वहन करने का निर्देश दिया है और परिवहन व रखरखाव संबंधित सभी खर्च व अन्य खर्च प्रतिपूर्ति के लिए ऊंटों के मालिक को उत्तरदायी माना है। अधिवक्ता सौरभ के अनुसार बचे 12 ऊंटों को तत्काल सुरक्षित सिरोही, राजस्थान स्थित पीपुल फार एनीमल रेस्क्यू केयर शेल्टर व अस्पताल भेजना है।