इसके लिए भवनों के अधिग्रहण और उस पर होने वाले निर्माण व खर्च पर विचार विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किया गया है। मंडलायुक्त ने बताया कि बोर्ड के प्रस्ताव को शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलते ही इस दिशा में कार्य आरंभ हो जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी, वीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी शमिल रहे।
ये रहे प्रस्ताव
- श्री काशी विश्वनाथ सुंदरीकरण विस्तारीकरण परियोजना का स्वीकृत डीपीआर के क्रम में लेआउट पास करना।
- परियोजना में फर्नीचर हेतु 9.09 करोड़ आगणन को स्वीकृति
- परियोजना अंतर्गत सुरक्षा उपकरणों के 5.47 करोड़ के आगणन को स्वीकृति
- परियोजना हेतु विद्युत संयोजन 4.70करोड़ के आगणन को स्वीकृति
- परियोजना क्षेत्र में अतिरिक्त सृजित भूमि का सुंदरीकरण तथा बाउंड्री वाल का निर्माण कराए जाने की सैद्धांतिक सहमति।
- योजना अंतर्गत अर्जित परिसंपत्तियों का अभिलेखीकरण कराया जाना
- वर्ष 21-22 का बजट पूर्व अवशेष को लेते हुए 42.09 करोड़ की स्वीकृति।
- परियोजना के संचालन के लिए ट्रांजैक्शनल एडवाइजर रखे जाने पर विचार
- परियोजना में संभावित व्यय आकलन हेतु परिषद, न्यास व जिला प्रशासन की संयुक्त समिति गठित करने पर विचार।
इन भवनों के संचालन की है योजना
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में गेस्ट हाउस, तीन यात्री सुविधा केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, स्टॉल, पुजारियों के रहने के लिए आवास, आश्रम, वैदिक केंद्र, सिटी म्यूजियम, मुमुक्षु भवन, वाराणसी गैलरी का संचालन पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल पर कंपनी का चयन होगा। कंपनी आय के स्रोत विकसित कर बजट तैयार करेगी। इसी बजट में से कॉरिडोर की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, संचालन व देखभाल पर खर्च किया जाएगा।