पूर्वांचल से हज यात्रा पर जाने वालों ने तैयारियां पूरी कर ली है। हज की तीसरी किश्त जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई निर्धारित है। पूर्वांचल के आसपास के जिलों से 1168 जायरीन मुकद्दस हज के सफर पर रवाना हाेंगे। सोमवार को कई केंद्रों पर शुल्क जमा करने में नेटवर्क की समस्या ने परेशान किया।
उत्तर प्रदेश हज सेवा समिति के महासचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने बताया कि रियाल के रेट तय होने के बाद लखनऊ से सऊदी अरब के लिए उड़ान भरने वाले हज यात्रियों को 3 लाख 90 हजार 350 रुपये जमा करने होंगे। 2019 में हुई हज यात्रा के दौरान जायरीन को 2 लाख 90 हजार 850 रुपये खर्च करने पड़े थे।
जिन हज यात्रियों ने दो लाख एक हजार रुपया जमा कर दिया है, वह शेष धनराशि 31 मई तक जमा कर सकेंगे। अगर किसी को रकम जमा करने में परेशानी हो रही है तो वह कमेटी से संपर्क कर सकता है। हज यात्रियों की हज के पाक सफर पर रवानगी छह जून से शुरू होगी। हज की आखिरी उड़ान 17 जून को भरी जाएगी।
हज यात्रियों की वापसी 15 जुलाई से शुरू होगी। वापसी की आखिरी उड़ान 28 जुलाई को होगी। महासचिव ने बताया कि वाराणसी से 175, प्रयागराज से 256, चंदौली से 52, मिर्जापुर 17, सोनभद्र से 29, बलिया से 43, देवरिया से 38, गाजीपुर से 108, जौनपुर से 37, महाराजगंज से 49, मऊ से 96, प्रतापगढ़ से 104, भदोही से 39 और आजमगढ़ से 125 हज यात्री यात्रा पर रवाना होंगे।