वाराणसी। तीन दिवसीय शिवरात्रि संगीत महोत्सव की दूसरी निशा में अनुभवी एवं युवा कलाकारों के अद्भुत संगम में श्रोता जमकर नहाए। जी हां, एक ओर जहां पद्मश्री उस्ताद मोइनुद्दीन खान ने सारंगी वादन से मन मोह लिया तो युवा उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान के भजन और नवोदित नृत्यांगना रायना कपूर ने कथक नृत्य की प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
संकटमोचन मंदिर के निकट रामेश्वरम वाटिका में दूसरे दिन की पहली प्रस्तुति नवोदित नृत्यांगना रायना कपूर की रही। बनारस की नौ वर्षीय रायना ने सबसे पहले शिव स्तुति से निशा का शुभारंभ किया। इसमें परंपरागत कथक तिहाईयॉ, कवित्त, परन, चक्करदार उठान की प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। दूसरी प्रस्तुति में उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान ने राग हंस ध्वनि में जय शिव शंकर औघड़ दानी.. की प्रस्तुति दी। राग बिहाग में गत भाव ठुमरी देखो देखो कैसी करत है ये रार.. प्रस्तुत किया। बाद में कबीर भजन गाया। तबले पर कृष्ण कुमार उपाध्याय, बॉसुरी पर प्रांजल सिंह, हारमोनियम पर अमन जैन और तानपुरे पर सौम्या यादव ने संगत किया। अंतिम प्रस्तुति जयपुर घराने के प्रख्यात कलाकार पद्मश्री उस्ताद मोइनुद्दीन खान के सारंगी वादन की रही। उन्होंने सबसे पहले राग मारू बिहाग में विलंबित एक ताल, द्रुत तीन ताल में निबद्ध धुन सुनाई। उसके बाद राग मिश्र पीलू में ठुमरी सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ संगत सारंगी पर मोमिन खान, तबले पर पं. ललित कुमार एवं तानपूरे पर दिग्विजय एवं पीयूष रहे। इस मौके पर कथा वाचक रमेश भाई ओझा के अलावा पंडित छन्नूलाल मिश्रा, प्रतिम सिंह आदि मौजूद रहे।