वाराणसी। कम हाजिरी के कारण परीक्षा से वंचित विधि संकाय के छात्रों ने डॉ. भगवानदास छात्रावास के गेट पर पर ताला जड़ कर खुद को बंद कर लिया। शुक्रवार को वे न खुद परीक्षा देने गए और न दूसरे छात्रों को जाने दिया। इस घटना से नाराज विधि संकाय के तीन छात्रावास के तीन वार्डन और तीन एडमिन वार्डन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उधर, देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन के जांच के आश्वासन पर छात्रों ने छात्रावास गेट का ताला खोल दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विधि संकाय की एलएलबी और एलएलएम की एक दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
विधि संकाय के 120 छात्र-छात्राओं को कम हाजिरी के कारण सेमेस्टर परीक्षा से वंचित किया गया है। सिंह द्वार और संकाय में धरना प्रदर्शन के बाद 40 फीसदी हाजिरी से ऊपर वाले छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा कराई गई। गुरुवार की देर रात डॉ. भगवानदास छात्रावास में दो छात्र गुट आपस में भिड़ गए थे। बताया जा रहा है कि जो छात्र परीक्षा से वंचित रह गए थे, उन्होंने परीक्षा देने वालों के साथ मारपीट की। इसके बाद खुद को छात्रावास में बंद कर लिया।
सूचना मिलने पर पुलिस के साथ प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य छात्रावास पहुंचे। ताला तोड़ने के प्रयास में सुरक्षाकर्मी नाकाम रहे। छात्रों का आरोप है कि देर रात वार्डन प्रो. जेपी राय के गुंडों ने उनकी पिटाई की थी। बाहर जाने में खतरा है इसलिए उन्होंने खुद को छात्रावास में बंद कर रखा है। छात्र वार्डन के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए। इस घटना के बाद डॉ. भगवानदास छात्रावास के साथ ही संकाय के डॉ. भीमराव अंबेडकर और चाणक्य छात्रावास के वार्डन और एडमिन वार्डन ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कहना है कि इन हालात में वो अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।