मिर्जामुराद। पिछले 14 महीने से जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में सजा काट रहे सुल्तान की शनिवार को कोर्ट में पेशी थी। परिजनों को भरोसा था कि उसको जमानत मिल जाएगी। इससे पहले ही शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में शुक्रवार को हुई विचाराधीन बंदी सुल्तान की मौत के लिए परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बताया है। साथ ही उच्च स्तरीय जाचं के लिए शासन से सिफारिश करने की बात कही है। हालांकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
स्थानीय थाना क्षेत्र के छतेरी गांव में 22 अक्तूबर 2017 को संदिग्ध हाल में जहरुन निशा (35) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। मायके पक्ष वालों ने पति सुल्तान समेत चार अन्य के खिलाफ मारपीट व हत्या का आरोप लगाते हुए मिर्जामुराद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पति सुल्तान समेत तीन अन्य लोगों को हत्या के मामले में मिर्जामुराद पुलिस ने जेल भेज दिया था। शुक्रवार को तबीयत खराब होने मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया जब उसका भाई आजाद पहुंचा तो सुल्तान की मौत हो चुकी थी।