वाराणसी। हरिश्चंद्र कॉलेज में नियमों की अनदेखी करते हुए अवैधानिक आधार पर अभ्यर्थियों का प्रवेश कराने के मामले में कार्रवाई करना तो दूर कॉलेज प्रबंधन रिमाइंडर तक का जवाब देना मुनासिब नहीं समझ रहा है। कुलसचिव ओम प्रकाश ने बताया कि प्रबंधन ने रिमाइंडर भेजा पर अभी कोई जवाब नहीं मिला है।
19 जनवरी को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. केके तिवारी ने हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबंधक को पत्र लिखकर महाविद्यालय के प्राचार्य तथा प्रवेश समिति के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इतना ही नही दो दिन के भीतर ही कार्रवाई के बाबत सभी अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए। डेटलाइन कबकी बीत गई पर कार्रवाई क्या हुई? यह कोई नहीं बता पा रहा है। वहीं संबंधित प्रशासनिक अधिकारी महज रिमाइंडर भेजने तक ही सीमित हैं। काशी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार ओम प्रकाश ने बताया कि हरिश्चंद्र महाविद्यालय के प्रबंधक को रिमाइंडर भी भेजा पर अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
बता दें कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सेनाश्रित, विकलांग, पिछड़ी, अनुसूचित जाति आदि के कोटे के अंतर्गत फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर एडमिशन कराने का मामला प्रकाश में आया था। मामला संज्ञान में आने पर नगर मजिस्ट्रेट की जांच में भी यह सिद्ध हुआ कि प्रवेश में नियमों की अनदेखी की गई है। बाद में संबंधित प्रवेश निरस्त कर दिए गए। बाद में महामंत्री छात्रसंघ शुभम कुमार सेठ के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्राचार्य पर कार्रवाई के लिए पत्रक सौंपा था। अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।