वाराणसी। कांशीराम आवासीय योजना शिवपुर में आवास के लिए आवेदन करने वाले 1810 लोगों में से करीब 1300 फर्जी पाए गए हैं। इन लोगों ने तथ्यों को छिपाकर आवेदन किया था। जांच में 510 लोगों के आवेदन सही पाए गए। नियमों के तहत कांशीराम आवास के लिए वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास अपना मकान और जमीन न हो। साथ ही वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हों। मजिस्ट्रेट की ओर से कराई गई जांच में अपात्रों को सूची से बाहर कर दिया गया है। 434 फ्लैट की आवंटन प्रक्रिया फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू होगी। डीएम योगेश्वर राम मिश्र के निर्देश पर इस बार लाटरी के जरिए आवंटन किया जाएगा।
शिवपुर स्थित कांशीराम आवास से पिछले दो महीनों में अवैध रूप से रह रहे लोगों से फ्लैट खाली कराए गए थे। प्रशासन को 434 फ्लैटों की आवंटन प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी है। इसके लिए पात्रों से आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 1810 लोगों ने आवेदन किए थे। एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने एसडीएम सदर सुनील कुमार वर्मा और एसीएम तृतीय मनोज कुमार सागर को जांच जिम्मेदारी दी थी। जांच तकरीबन 1300 लोगों के आवेदन फर्जी पाए गए। इसमें से ज्यादातर लोगों के पास अपना घर था। कुछ लोगों ने अपना मूल पता छिपाकर आवेदन किया था। सारनाथ के बृजकिशोर, शिवपुर की महिमा, रेखा और बड़ालालपुर के अजय, रुपेश, शिवबदन ने घर रहते हुए आवेदन किए थे। अब 434 आवास के लिए 510 लोगों की दावेदारी है। एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि विधवा और विकलांग लोगों को प्राथमिकता के आधार पर आवास दिया जाएगा। इसके बाद अगर आवास खाली रहे तो अन्य लोगों को दिया जाएगा।