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ऐसी सुविधाएं विकसित हों जो जनता के काम आएं

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वाराणसी। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में बुनियादी सुविधाओं को जनोपयोगी बनाना ही सरकार का लक्ष्य है। स्मार्ट सिटी योजना का उद्देश्य नागरिकों को साफ पानी, बेहतर यातायात, सीवेज समस्या से निजात दिलाना और अच्छी सड़कें मुहैया कराना है। इस पूरी योजना को व्यवस्थित कर जनता से जोड़ना है। वे शुक्रवार को कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में बिजनेस वर्ल्ड की ओर से आयोजित दो दिवसीय स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का अर्थ यह नहीं कि काशी की विरासत, धरोहरों, गलियों और घाटों का स्वरूप बदल दिया जाएगा। उन्हें उसी रूप में संरक्षित कर बेहतर बनाया जाएगा। आमजन के लिए जरूरी सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को इस योजना में शामिल कर समय पर पूरा करना ही प्राथमिकता है।
सुरेश खन्ना ने कॉन्क्लेव में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों, नागरिकों और नगर निगम के अधिकारियों का आह्वान किया कि वे एक ऐसा माहौल बनाएं कि स्वच्छता अभियान जन-जन से जुड़े और जनांदोलन के रूप में आगे बढ़े। जापान, इंग्लैंड, इजराइल जैसे देशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन देशों की तरक्की में वहां के नागरिकाें का महत्वपूर्ण योगदान है। बिना जनता की भागीदारी के किसी मुहिम को आगे बढ़ाना कठिन है।
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नगर विकास मंत्री ने कहा कि सफाई के लिए निजी, सार्वजनिक और सामुदायिक टॉयलेट का निर्माण कराया जा रहा है। भूजल के गिरते स्तर को सुधारने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि शुद्ध हवा, पानी, पार्क और पार्किंग का लाभ जनता को मिले। इस दौरान मंत्री ने यहां लगे स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। अतिथियों का स्वागत मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने किया। इस मौके पर नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल, अपर नगर आयुक्त एसएन सिंह, जेएमसी रमेश चंद्र सिंह, राकेश यादव, अविनाश कुमार मौजूद रहे।
जापानी मंत्री ने कहा, काशी के विकास के लिए जारी रहेगी मदद
स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव में शामिल होने आए जापान के आर्थिक एवं विकास मंत्री ने कहा काशी के विकास के लिए चल रही कई योजनाओं में जापान सरकार मदद कर रही है। कन्वेंशन सेंटर, जायका के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सफाई जन जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग किया जा रहा है। आगे भी मदद जारी रहेगी। अहमदाबाद से हाईस्पीड ट्रेन, मेट्रो सेवा, कचरा प्रबंधन पर काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने 12 दिसंबर, 2015 को काशी आए जापानी पीएम शिंजो अबे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गंगा आरती में शामिल होने का भी जिक्र किया। उन्होंने खुशी जाहिर की कि दोनों देशों के बीच संबंध और प्रगाढ़ हो रहे हैं।
कंपनियों ने दिया प्रेजेंटेशन, दिखाया भविष्य का बनारस
वाराणसी। साफ-सुथरी चौड़ी सड़कों पर फर्राटा भरते वाहन, सुव्यवस्थित यातायात, सीवेज, शुद्ध हवा और पानी के साथ और भी बहुत कुछ। यह है भविष्य के उस बनारस की तस्वीर जिसे स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तुत किया। प्रेजेंटेशन के दौरान आने वाले दो तीन साल में काशी को स्मार्ट बनाने का सपना कैसे साकार होगा, इसके तरीके भी दिखाए गए।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण मुक्त काशी पर भी गंभीर मंथन हुआ। सहमति बनी कि जन सुविधाओं से जुड़े सभी विकास कार्य काशी की विरासत, धरोहरों के मूल स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कराए जाएंगे।
कॉन्क्लेव में प्रेजेंटेशन, पैनल डिस्कशन, सवाल-जवाब के सत्र भी चले। कंपनियों की ओर से विभिन्न शहरों में स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराए जाए रहे कार्य प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाए गए। सिस्को के डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण राव ने कहा कि किसी भी शहर के लिए वहां के नागरिकाें की बुनियादी सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन करने की जरूरत है।
एलएंडटी के मार्केर्टिंग चीफ जय रंजन ने कहा कि काशी में जाम की समस्या गंभीर है। उन्होंने देश के विभिन्न शहरों में कंपनी की ओर से यातायात पर किए जा रहे कार्यों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाया। साथ ही कहा कि यहां भी इसे दूर किया जा सकता है। एस बैंक की रिंकी डिंगरा ने आर्थिक ढांचे पर सुझाव दिए। इसके अलावा जुनिपर, ड्वेल, एचआईके विजन, टेक महिंद्रा कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी सुझाव और प्रेजेंटेशन दिए।
स्मार्ट सिटी के लिए तय हो जिम्मेदारी, बढ़े जनभागीदारी
वाराणसी। स्मार्ट सिटी कॉन्क्लेव में सपा के पूर्व मंत्री एवं एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने स्मार्ट सिटी के गठन से लेकर उसके संचालन तक पर सवाल उठाए हैं। कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा कि काशी स्मार्ट सिटी बने, इसमें पूरा सहयोग मिलेगा। लेकिन इसमें न तो जनप्रतिनिधियों की भागीदारी है और न ही शहर केप्रबुद्धजनों को शामिल किया गया है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से स्मार्ट सिटी योजना का बंटाधार हो रहा है। मनमाने तरीके से खोदाई, निर्माण हो रहा है।
इस योजना में यातायात प्रबंधन, सीवेज, पेयजल, सड़क को बेहतर बनाने पर काम होना है। उन्होंने सवाल उठाया कि स्मार्ट सिटी की बैठक में क्या जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया। उनके अनुभवों का लाभ इस योजना के माध्यम से शहर को मिल सके, क्या उनके सुझाव को शामिल किया गया। शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि स्मार्ट सिटी परामर्श मंच बने जिससे कि वहां जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, तकनीकी विशेषज्ञ, युवा, महिला भी शामिल हों। नगर किवास मंत्री सुरेश खन्ना ने भी उनकी बात पर सहमति जताई, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करें और सुझाव को शामिल करें।
नगर निगमों, नगर पालिकाओं के नहीं आए प्रतिनिधि
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न राज्यों के नगर निगमों, नगर पालिकाओं के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों को शामिल होना था। श्रीनगर और जालंधर के नगर आयुक्त तो शामिल हुए मगर उत्तर प्रदेश के किसी भी नगर निगम और नगर पालिका के प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए।
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