वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में छह दिन से चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद सोमवार को ओपीडी में पहले जैसी भीड़ देखने को मिली। ओपीडी हाल सहित अस्पताल के हर चैनल गेट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस के जवान भी तैनात किए गए।
जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों ने रविवार रात 11 बजे हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया था। इमरजेंसी और वार्ड में रात में रेजीडेंट काम पर आ गए थे। सोमवार सुबह ओपीडी खुलते ही उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत रही। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की छह दिन चली हड़ताल की वजह से काफी मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया था। 24 सितंबर को फीमेल वार्ड में मरीज और जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट के बाद भड़के विवाद ने उग्र रूप ले लिया था। डॉक्टरों की मांग पर अस्पताल में सुरक्षा प्रबंध बढ़ाए गए। सोमवार को ओपीडी हाल के पास से लेकर सर्जरी विभाग, जनरल मेडिसिन, ओपीडी ऊपरी तल, इमरजेंसी के बाहर सहित अस्पताल में जहां-जहां चैनल गेट लगे हैं, वहां-वहां विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के साथ ही पुलिस के जवान भी तैनात रहे। माना जा रहा है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल में बाउंसरों की तैनाती भी की जाएगी।
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बिना पास प्रवेश नहीं
वार्डों की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। मरीजों से परिजनों के मिलने का समय शाम चार बजे से छह बजे के बीच तय कर दिया गया है। इस दौरान भी बिना पास के वार्ड में प्रवेश की अनुमति नहीं है। शाम को हर परिजन का पास चैक कर ही उसे वार्ड में प्रवेश दिया गया।
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हॉस्टल में ताला, भड़के रेजीडेंट डॉक्टर
काम पर लौटने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर जब धनवंतरि हॉस्टल पहुंचे तो वहां ताला बंद देखकर भड़क गए। इसकी जानकारी जब अस्पताल प्रशासन को हुई तो तत्काल गेट खुलवाने की व्यवस्था में अधिकारी लग गए। रेजीडेंट का कहना था कि उनके कपड़े सहित जरूरी सामान कमरे में ही है। इसके बाद ताला खुलवाकर सभी को सामान दिलवाया गया।
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ओपीडी में 5740 ने कराया पंजीकरण
छह दिन बाद अस्पताल खुलने के बाद ओपीडी में आने वाले मरीजों का ग्राफ बढ़ गया। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक सोमवार को 3291 लोगों ने पर्चा लिया ,जबकि कुल 5740 लोगों ने पंजीकरण कराकर चिकित्सकों को दिखाया। सोमवार को 119 मरीज भर्ती हुए, 143 को छुट्टी दी गई। उधर, इमरजेंसी में भी 125 लोगों ने इलाज कराया। आंकड़ों के मुताबिक 61 ऑपरेशन और 3242 मरीजों की जांच की गई।