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टैग-बीएचयू नियुक्ति प्रकरण

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वाराणसी। बीएचयू में पिछले साल शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता के मामले में चल रही जांच के निस्तारण में अब बस चार दिन का मौका रह गया है। मामले में दायर याचिकाओं पर 28 मई को हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया था, उसमें याचीकर्ताओं के आवेदन के दो माह के भीतर मामले में कुलपति को निर्णय लेना है। याचीकर्ताओं की ओर से 16 जुलाई को कुलपति को प्रत्यावेदन दिया गया था, जिसका दो माह 15 सितंबर को पूरा हो रहा है।
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विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में विज्ञान संस्थान, चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत कई संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर 200 नियुक्तियां हुई थीं। इसके बाद कुछ लोगों ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए आरटीआई के माध्यम से जवाब मांगा था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कागजातों के साथ जो जवाब आया, उसमें प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जिन लोगों ने न्याय की गुहार लगाई थी, उस पर 28 मई को कोर्ट ने आदेश जारी कर कुलपति को याचीकर्ताओं के प्रत्यावेदन मिलने के दो महीने के भीतर निर्णय लेने को कहा था। इसके बाद 16 जुलाई को लोगों ने प्रत्यावेदन दिया, कुलपति की ओर से मामले की जांच भी कराई जा रही है। अब जबकि दो महीना बीतने में महज चार दिन बचा है, ऐसे में सबकी निगाहें कुलपति की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हैं।
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