वाराणसी। मैथिल समाज बनारस की ओर से गंगा तट पर स्थित मिथिला की प्राचीन ऐतिहासिक पुरातात्विक धरोहर दरभंगा महल का नाम परिवर्तन कर बृजरमा पैलेस करने के विरोध में रविन्द्रपुरी स्थित कीनाराम आश्रम तक एक पैदल मार्च निकाला गया। मैथिल समाज के लोगों ने पीएम के संसदीय कार्यालय पंहुचकर विरोध स्वरुप ज्ञापन भी सौंपा।
इस ज्ञापन में दरभंगा महल का नाम परिवर्तन करने की साजिश में शामिल होटल संचालकों के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के ठहराव के आड़ में हेरिटेज जोन स्तिथ दरभंगा महल से कब्जा हटा कर महल को मुक्त कराने और मिथिला के पर्यटकों के लिए खोलने की मांग की गयी है । प्रदर्शन सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दरभंगा महल का नाम परिवर्तित करने की कोशिश की गई तो मैथिल समाज इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेगा। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे हरिमोहन पाठक ने बताया कि दरभंगा महल का नाम बृजरमा पैलेस करके भू माफियाओं ने मिथिला के लोगों का अपमान किया है। हम यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। जुलूस में निरसन कुमार झा, नटवर झा, सुधीर चौधरी, देवेंद्र ठाकुर, गौतम कुमार झा आदि लोग शामिल रहे। बता दें कि 12 मार्र्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इसी होटल में रुकने वाले हैं।