वाराणसी। आयकर विभाग की टीम ने सोमवार को रजिस्ट्री कार्यालय में करीब तीन घंटे तक जांच पड़ताल की। आयकर विभाग के अनुसार रजिस्ट्रार चतुर्थ कार्यालय ने पिछले एक साल में दस से 30 लाख या इससे ऊपर तक की रजिस्ट्री आनलाइन नहीं की हैं। करीब तीन घंटे तक पड़ताल के बाद पता चला कि 502 रजिस्ट्री ऐसे हुई हैं जिसे आनलाइन नहीं किया गया। वहीं, रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्री आनलाइन कर दी गई हैं। तकनीकी खामियों की वजह से सब रजिस्ट्रार चतुर्थ के यहां हुई रजिस्ट्री नहीं दिख रही है।
रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से रोजाना होने वाले बैनामे को आनलाइन कर दिया जाता है। साथ ही, हर महीने के अंत में इसकी सूचना आयकर विभाग को भी दी जाती है। आयकर अधिकारियों का कहना है कि तीन सब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से सूचना मिल रही थी लेकिन चतुर्थ के यहां से सूचना नहीं मिल रही थी। आयकर अधिकारी कौशल कुमार श्रीवास्तव और राजेश सिंह के नेतृत्व में टीम सोमवार की दोपहर सब रजिस्ट्रार चतुर्थ कार्यालय में पहुंची। पता चला कि सब रजिस्ट्रार चतुर्थ छुट्टी पर हैं। वर्ष 2016 से 31 मार्च 2017 तक करीब 502 रजिस्ट्री के कागजात को खंगाला गया जिनकी सूचना आनलाइन नहीं की गई थी। सूत्रों की मानें तो पिछले एक साल में सब रजिस्ट्रार चतुर्थ के यहां दस लाख से 30 लाख या इससे अधिक की रजिस्ट्री हुई हैं जिसमें करीब 14 करोड़ का स्टांप शुल्क देय है। इस बारे में एआईजी निबंधन मनोज कुमार का कहना है कि रजिस्ट्री की सूचना आनलाइन कर दी गई है। तकनीकी खामियों से कुछ सूचनाएं नहीं दिख रही हैं। आयकर अधिकारियों ने जो भी जानकारी मांगी है उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं सूत्रों का कहना है कि स्टांप मंत्री नंद गोपाल नंदी ने निबंधन कार्यालय के एक कर्मचारी पर कार्रवाई की थी लेकिन वह स्टे आर्डर ले लिया था।