वाराणसी। 42 सप्ताह केकठिन प्रशिक्षण के बाद 205 रंगरूटों ने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर करने की शपथ ली। इसके पहले नेपाली संस्कृति के अनुसार गोरखा जवानों को उनका परंपरागत हथियार खुकरी भेंट किया गया।
परेड ग्राउंड पर आयोजित सशस्त्र परेड की सलामी मुख्य अतिथि कार्यवाहक कमांडेंट गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, कर्नल रघुनाथन नायर ने ली। उन्होंने मंच पर सलामी लेने के बाद परेड का निरीक्षण किया। कर्नल ने शानदार परेड के लिए जवानों को बधाई दी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि अनुशासन, शारीरिक क्षमता और लक्ष्य का हमेशा ध्यान रखें। साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते रहने की भी सीख दी। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्य अतिथि ने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित किया तथा स्मृतिधाम में आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया। इस समारोह में गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारी, जेसीओ, स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट आदि शामिल रहे। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य के लिए जवानों को पुरस्कृत किया गया। ‘बेस्ट इन टैक्टिस’ में ज्ञान बहादुर थापा, ‘बेस्ट इन बीपीईटी’ अशोक कुमाल, ‘बेस्ट इन फायरिंग’ नबिन थापा, ‘बेस्ट इन ड्रिल’ अबिन तमांग, ‘बेस्ट इन बेनेट फार्यटिंग’ के लिए सुरेश गुरुंग को पुरस्कार मिला। वहीं ‘बेस्ट इन सीओसीले कपाडिया ट्राफी’ अशोक कुमाल, ‘सेकेंड ऑल राउंड बेस्ट का जनरल एनके लाहिरी मेडल’ दिवाश श्रेष्ठ, ‘आल राउंड बेस्ट गौरव तलवार’ का पुरस्कार बिरेंद्र राना को दिया गया। सपूतों को देश सेवा में समर्पित करने के लिए नेपाल और भारत से 205 अभिभावकों को गौरव पदक देकर सम्मानित किया गया।