वाराणसी। बीएचयू में 21 सितंबर को छेड़खानी, 23 सितंबर को छात्राओं पर लाठीचार्ज के विरोध में अब आवाज तेज होने लगी है। बुधवार को अस्सी घाट पर पहुंचकर दिल्ली के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने छात्र-छात्राओं से घटना पर विस्तृत बातचीत की। इस दौरान उन्होंने घटना के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी बताते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ ही कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की ओर से हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त जज की न्यायिक जांच कमेटी को भंग करने की मांग की।
अस्सी घाट पर आयोजित संवाद में महाबल मिश्रा ने कहा कि काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में छात्राएं अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठा रही थी, उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगले ही दिन उनके जाते ही महिला महाविद्यालय में घुसकर पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा लाठीचार्ज करना देश की गरिमा को कलंकित करने वाली घटना है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्राओं को नोटिस दी जा रही है। लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों पर मुकदमा, वर्तमान न्यायिक जाँच की कमेटी को भंग कर किसी हाईकोर्ट या सुप्रीमकोर्ट की महिला रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगे नहीं मानी गई तो सड़क से लेकर सदन तक छात्र राजनीति, सामाजिक सारोकारों से जुड़े लोगों के साथ आंदोलन होगा। इस दौरान विनय शंकर राय मुन्ना, नीरज सिंह, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के धनंजय त्रिपाठी, ओम शुक्ला आदि मौजूद रहे।