काशी विश्वनाथ धाम के साथ ही वाराणसी की 11 परियोजनाएं नवंबर में पूरी हो रही हैं। हालांकि विश्वनाथ धाम के अलावा अन्य परियोजनाओं के लोकार्पण पर निर्णय होना बाकी है। फिलहाल प्रशासन ने कार्यदायी संस्थाओं से पूरी होने वाली परियोजनाओं की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही इसका भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के साथ ही 1222 करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाएं पूरी कराई जा रही हैं। इसमें सबसे बड़ी परियोजना 355.31 करोड़ रुपये की लागत से काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र का विस्तारीकरण कार्य हैं। इसके अलावा बीएचयू में 130.03 करोड़ रुपये की लागत से चिकित्सकों व नर्सों के लिए हॉस्टल तथा धर्मशाला, रमना में 161.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 50 एमएलडी क्षमता का एसटीपी, शहर के विभिन्न स्थानों पर 128.04 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन और 90.42 करोड़ रुपये की लागत से बेनियाबाग पार्क पुनरोद्धार एवं वहीं पर वाहन पार्किंग कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही बीएचयू में 107 करोड़ रुपये की लागत से आईयूसीटीई भवन, बीएचयू में ही 60.63 करोड़ रुपये की लागत से पैकेज-1 के तहत जोधपुर कॉलोनी में 80 आवासीय फ्लैट और इतनी ही लागत से पैकेज-2 के अंतर्गत इसी कॉलोनी में 80 फ्लैट, 35.83 करोड़ रुपये की लागत से खिड़किया घाट का पुनरुद्धार कार्य हैं। वहीं, इन परियोजनाओं की तुलना में कम लागत से तैयार प्रोजेक्ट्स के तहत कई वार्डों के विकास कार्य सम्मिलित हैं।
स्मार्ट सिटी से तैयार वार्ड का काम भी पूरा
स्मार्ट सिटी के तहत काशी विश्वनाथ धाम के आसपास के आधा दर्जन वार्ड में सौंदर्यीकरण का काम भी पूरा हो गया है। इसमें 9.91 करोड़ रुपये की लागत से गढ़वासी टोला वार्ड, 16.24 करोड़ रुपये की लागत से कालभैरव वार्ड, 12.65 करोड़ रुपये की लागत से कामेश्वर महादेव वार्ड, 13.53 करोड़ रुपये की लागत से राजमंदिर वार्ड, तथा 12.65 करोड़ रुपये की लागत से जंगमबाड़ी वार्ड और 16.22 करोड़ रुपये से दशाश्वमेध वार्ड क्षेत्र की सूरत बदली गई है।
नवंबर महीने में पूरी होने वाली परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है। उनका भौतिक सत्यापन भी कराया जा रहा है।-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी