वाराणसी। कामनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट पूनम यादव ने शनिवार को मीडिया को आपबीती सुनाई। इस दौरान कई बार वह भावुक हो गईं और और आंसू छलक पड़े।
पूनम ने बताया कि वह मूंगवार में अपनी बुआ से मिलने के बाद पिता के साथ लौट रही थीं। तभी पता चला कि उनके साथ दो पहिया वाहनों से आए लोगों पर गांव वालों ने हमला कर दिया है। वह सीधे राजातालाब चौकी गईं और वहां से पुलिस फोर्स के साथ अपने छोटे भाइयों को बचाने पहुंचीं। वहां कई गांव वाले लाठी, डंडे और पत्थर लेकर उन पर टूट पड़े। पुलिस ने किसी तरह उनको बचाकर साथ चल रही एंबुलेंस में बैठाया और वहां से बाहर निकाला। कहा, अगर पुलिस और एंबुलेंस नहीं रहती तो बड़ी घटना घट सकती थी।
बातचीत के दौरान बार-बार रुआंसी हो रही पूनम ने बताया, हमलावरों ने उनके वाहन पर भी लाठी-डंडे व पत्थर चलाए। बताया कि हमले में उनके चाचा, चचेरे भाई के साथ पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। पूनम ने उन आरोपों का खंडन किया, जिसमें उनके द्वारा दूसरे पक्ष पर हमला करने और ललकारने की बात कही जा रही है। दावा किया, सुबह क्या हुआ था, झगड़े का क्या कारण था, उन्हें कुछ नहीं पता।
पूनम ने बताया कि यूपी-100 पर डॉयल किया पर फोन नहीं लगा। उन्होंने हमला करने वालों द्वारा पिता का फोन छीने जाने की बात भी कही।