भदोही। कोतवाली क्षेत्र के मथुरापुर बाईपास मार्ग के किनारे सोमवार को तड़के मिले 16 वर्षीय किशोर की हत्या उसके ही सगे भाई ने की थी। खास बात यह है कि भाई के साथ इस जुर्म को अंजाम देने में पिता और दो भाई समेत कुल सात लोग शामिल थे। पुलिस ने भाई को हत्या का आरोपी बनाते हुए पांच को साक्ष्य मिटाने तथा एक आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कोतवाली में गुरुवार को एएसपी डॉ. संजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि हत्या मामले में मृतक के भाई अली व पिता सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एएसपी ने बताया कि पांच मार्च को तड़के किशोर की शव मिला था। पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बताया कि क्राइम ब्रांच तथा कोतवाली पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि रविवार की रात ही बेलाल मंसूरी की हत्या उसके बड़े भाई मो. अली ने ही घर की छत पर अवैध असलहे से की थी। हत्या के कारणों का उन्होंने खुलासा नहीं किया। इतना बताया कि किशोर बिगड़ैल स्वभाव का था, जिससे घर के लोग परेशान रहते थे। चार मार्च की रात जब वह छत पर सोने की तैयारी कर रहा था तभी बड़े भाई मो. अली ने अवैध पिस्टल से उसे गोली मार दी। इसके बाद रात में ही परिजनों ने पड़ोसी से कार मांग कर शव को बाइपास मार्ग पर फेंक दिया। लाश को ठिकाने लगाने से पहले खून से सनी चादर को जला दिया। उन्होंने बताया कि हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल उनके घर से और 315 बोर का कट्टा मो. अजी के दोस्त छोटू कुरैशी के घर से बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतक के पिता हबीबुल्लाह पर 14 मुकदमें दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है।
मृतक के भाई अली के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के अलावा पिता और एक अन्य भाई सुल्तान मंसूरी, छोटू कुरैशी, आफताब अली पुत्र स्व. कल्लू निवासी रामसहायपुर, मो. सैफ पुत्र रज्जब अली निवासी रामसहायपुर, अफजल अहमद पुत्र इकबाल अहमद निवासी रामसहायपुर समेत सात लोगों को जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि हत्याकांड का खुलासाकरने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।