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गर्मी में गहराएगा पेयजल संकट

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ज्ञानपुर। गर्मी शुरू होने से पूर्व ही जिले के सीमावर्ती एवं नदी के तराई इलाकों में पेयजल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। गंगा से सटे गावों में कुछ हैंडपंपो ने अभी से ही मटमैला पानी देना शुरू कर दिया है। जिले में रिबोर लायक करीब 500 हैंडपंप सही न होने से मई- जून की गर्मी में पानी की समस्या उत्पन्न करेंगे। पंचायत राज विभाग की ओर से रिबोर लायक हैंडपंपो को चिन्हित कर रिबोर कराने का निर्देश दिया गया है।
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सभी को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही है। हैंडपंपो की स्थापना करने के साथ ही पेयजल इकाइयों को स्थापित कर घर-घर साफ पानी पहुंचाने का प्रयास हो रहा है लेकिन ठेकेदारों की मनमानी से स्थापित हैंडपंप समय से पहले ही बेपानी हो जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2015-16, 2016-17 में जिले के तीनों विधानसभाओं में विधायक, सांसद निधि के अलावा जल निगम की ओर से करीब ढाई हजार हैंडपंप स्थापित हुए जबकि चार दशक के दौरान तकरीबन 49 हजार से अधिक हैंडपंप जिले में लगे। हैंडपंप लगाने वाले ठेकेदार तय मानक के अनुसार बोरिंग नहीं करते जिससे समय से पहले ही हैंडपंप पानी देना बंद कर देते हैं। पंचायत राज विभाग के आंकड़ो पर गौर किया जाए तो जिले के 561 ग्रामसभाओं में तकरीबन 500 हैंडपंप रिबोर लायक हैं। जिसमें कई हैंडपंपो का रिबोर किया जा रहा है जबकि चिन्हित अन्य का रिबोर अप्रैल तक पूर्ण करना है। सीतामढ़ी के इटहरा में दो, नारेपार में एक, बारीपुर में तीन हैंडपंप रिबोर लायक हैं। इसी तरह जिले के अन्य गावों में हैंडपंप गत एक साल से शोपीस पड़े हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने कहा कि हैंडपंपो का रिबोर अब चौदहवें वित्त के पैसे से किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों को रिबोर के लिए निर्देश दिया गया है।
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