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अतिक्रमण और जाम से मिले निजात, तब बने बात

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वाराणसी। नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और अफसरों की नाकामी के चलते समस्याओं के मकड़जाल में फंसी जनता राहत के इंतजार में है। अगले पांच साल में नागरिकों को बेहतर यातायात, सड़क, जाम से मुक्ति और पीने का साफ पानी मिले, शहर की अगली सरकार ऐसी होनी चाहिए। शहर की सरकार पर बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को निजात दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। मेयर और पार्षद ऐसे हों जो इस जिम्मेदारी को समझें। शहर का नियोजित विकास तभी होगा जब विभागीय तालमेल के साथ अफसरों की जवाबदेही और जिम्मेदारी तय होगी।
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चांदपुर स्थित ‘अमर उजाला संवाद’ में शुक्रवार को आए शहर के प्रमुख व्यापारियों-उद्यमियों ने बेबाकी से अपनी बात रखी। व्यापारियों ने कहा कि पांच साल में न तो शहर को जाम से मुक्त किया जा सका और न ही पार्किंग की व्यवस्था हुई। सड़कों पर अब भी अतिक्रमण है। शहर के विकास की ठोस कार्ययोजना बनाने और उसे मूर्त रूप देने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है।
सड़कों पर बहते सीवर, गड्ढायुक्त सड़कें, दूषित पेयजल, जाम की समस्या से नागरिकों को निजात दिलाने की आवश्यकता है। शहर की जनता को खुद जागरूक होने के साथ ही अफसरों और नेताओं को भी जगाने की जरूरत है। व्यापारियों ने कहा कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन न होना मेयर और पार्षदों को नाममात्र के अधिकार होना भी विकास की राह में बड़ी बाधा है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार है। ऐसे में 74वें संविधान संशोधन की व्यवस्था प्रदेश में सही तरीके से लागू की जाए तभी कुछ भला होगा।
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