वाराणसी। देखरेख के अभाव में बीते साल एक साल में 1.70 लाख पौधे सूख गए हैं। पिछले साल 17 लाख पौधे लगाए गए थे। हरियाली का दायरा सिर्फ 0.1 स्क्वायर किलो मीटर ही बढ़ पाया है। वन विभाग के अनुसार प्रत्येक पौधे लगाने पर 50 रुपये और ट्री गार्ड लगाने पर ढाई से तीन हजार रुपये खर्च होते हैं
वनाधिकारी महावीर कौजलगी का कहना है गर्मी और छुट्टे पशुओं के कारण लगाए पौधों में 10 प्रतिशत तक पौधे नष्ट होते हैं। जहां दोबारा पौधे लगा दिए जाते हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए इस वर्ष शहर में आठ हजार ट्री गार्ड (लोहे का सुरक्षा घेरा) और एक हजार ब्रिग गार्ड (ईंट और सीमेंट का सुरक्षा घेरा) लगाया गया है।
फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की ओर हर दो साल के बाद उपग्रह से ली गई तस्वीर के माध्यम से हरियाली की सर्वे रिपोर्ट जारी की जाती है। वर्ष 2019 के रिपोर्ट के मुताबिक बनारस में 0.1 स्क्वायर मीटर हरियाली बढ़ी है। 2021 की रिपोर्ट भी जल्द आएगी जिसमें और हरियाली बढ़ने की उम्मीद है।
वनाधिकारी ने बताया कि वन विभाग की नर्सरी में एक पौधे को दो साल तक तैयार करने में 50 रुपये का खर्च आता है। ट्री गार्ड सहित एक पौध की लागत करीब ढ़ाई से तीन हजार रुपये होती है। पौधरोपण के पांच साल बाद ही हरियाली का सही आंकड़ा सामने आएगा। वर्ष 2019 से सबसे ज्यादा पौधरोपण किए है। जिनसे होने वाली हरियाली की गणना फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से किया जा रहा है।
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वर्ष 2020-21 में लक्ष्य से ज्यादा पौधे लगाए गए
वन विभाग सहित जिले के 27 विभाग और कई सामाजिक संगठनों ने वर्ष 2020-21 में लक्ष्य के 14 लाख के सापेक्ष करीब 16 लाख पौधे लगाए। 2021-22 में 17 लाख के सापेक्ष करीब 19 लाख पौधे रोपे गए। इस वर्ष लक्ष्य के 20 लाख पौधों में से करीब 17 लाख पौधे लग चुके हैं। जबकि 15 अगस्त तक तीन लाख से अधिक पौधे लगाए जाने की संभावना है।