हाल में घोषित 12वीं के नतीजों में जब पूजा सोनी ने मार्क्स देखें, तो हैरान रह गईं।
अंग्रेजी में 81, गणित में 95, बिजनेस स्टडीज में 66, एकाउंट्स प्रैक्टिकल में 20 में से 20, इकनॉमिक्स में 0 और एकाउंट्स थ्योरी में 0 देखकर उनका दिमाग चकरा दिया।
नोएडा के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की इस छात्रा के केस पर सीबीएसई का कहना है कि पूजा ने आंसर शीट में लिखते वक्त ऐसी स्याही इस्तेमाल की, जो बाद में उड़ गई और अब वह पूरी तरह खाली हैं।
सीबीएसई प्रवक्ता रमा शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में माना कि यह मामला उनके संज्ञान में है। लेकिन वह इससे ज्यादा कुछ बताने के लिए अभी तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा, 'यह मामला जानकारी में आया है, लेकिन इसका ब्योरा फिलहाल हमारे पास नहीं है, क्योंकि मामला इलाहाबाद रीजन का है। हम फिलहाल दसवीं के नतीजों को लेकर बिजी हैं और जल्द ही इसके बारे में जानकारी देंगे।'
लेकिन दाल में शायद कुछ काला है। अंग्रेजी अखबार एचटी को दिए बयान में पूजा ने कहा, 'उन्होंने मुझे शीट दिखाईं, जिस पर मेरा नाम और रोल नंबर लिखा है और आंसर बुकलेट उसके साथ स्टैपल है। इन शीट पर धुंधली स्याही में लिखा नजर आ रहा है, लेकिन यह साफ है कि यह मेरी हैंडराइटिंग नहीं है।'
जब पूजा के परिवार ने यह बात सामने रखी, तो सीबीएसई ने कहा कि उन्होंने लिखते वक्त पेंसिल का इस्तेमाल किया है।
पूजा के पिता विजय सोनी का इस पर कहना है, 'कोई भी बोर्ड परीक्षा पेंसिल नहीं देता और मान भी लिया जाए कि ऐसा हुआ है, तो आंसर शीट खाली कैसे हो गई?'
पूजा का हौसला टूट चुका है। उनका कहना है, 'मुझे ये दोनों एग्जाम दोबारा देने होंगे...मेरा भरोसा डगमगा चुका है।'