'कत्लखानों पर पाबंदी का शिगूफा कितना काम आया'
समाजवादी पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनते ही अवैध कत्लखानों को बंद करने का आदेश दिया था। उन्होंने हर शहर-गांव में गौशाला स्थापित करने की बात भी कही थी, लेकिन आज भी उसी मथुरा में बूढ़ी गायों-बैलों को उनकी किस्मत पर खुले में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में गोशालाएं नहीं खोली जा रही हैं, जिसके कारण पशु किसानों की खेती बर्बाद कर रहे हैं।
जूही सिंह ने कहा कि जो गौशालाएं काम कर रही हैं, उनमें भी गौवंश की उचित तरीके से देखभाल नहीं की जा रही है। अनेक गोशालाओं के चित्र सामने आए हैं जहां गोवंश बेहद खराब स्थिति में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को जमीनी बदलाव लाने वाले असली काम करने चाहिए, इस तरह चुनाव के समय दिखावटी काम करके जनता को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
आरोप यहां तक हैं कि अनेक भाजपा नेता भी मांस बिक्री के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश में मांस बिक्री एक प्रमुख व्यवसाय बना हुआ है। इस क्षेत्र में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलता है और हर साल करोड़ों डॉलर का मांस विदेश निर्यात होता है। जिस समय बेरोजगारी चरम पर है, अगर सरकार एक बार फिर कत्लखानों के बारे में कोई निर्णय लेती है तो इससे लाखों लोगों के जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है।