उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का केन्द्र दूर दराज क्षेत्र में बनाए जाने से हजारों प्रतियोगियों की परीक्षा छूटने का संकट खड़ा हो गया है।
आयोग की सबसे प्रमुख परीक्षा पीसीएस में पहली बार आवेदकों की संख्या चार लाख से अधिक है, ऐसे में परीक्षा केन्द्र आवंटन की परेशानी से बचने के लिए आयोग ने प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में केन्द्र आवंटित कर दिया है।
लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 26 जून को प्रदेश के 24 जिलों में हो रही है। आरोप है कि आयोग को ऑनलाइन मिले आवेदन में परीक्षार्थी का मूल निवास देखे बिना ही मनमाने तरीके से केन्द्र आवंटित कर दिया गया।
अभी तक आयोग की ओर से परीक्षार्थी के पते वाले जिले अथवा उसके आस-पास के जिले में केन्द्र देने की परंपरा रही है। इस बार आयोग ने गोरखपुर के परीक्षार्थी का केन्द्र इलाहाबाद, इलाहाबाद के परीक्षार्थी का केन्द्र गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ और झांसी के परीक्षार्थी का केन्द्र गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर सहित परीक्षार्थी के मूल निवास से 500 से 700 किमी दूर भेज दिया है।
परीक्षा केन्द्र दूर भेजे जाने और अंतिम समय में इसकी जानकारी होने से प्रतियोगी छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। सबसे अधिक परेशानी महिला परीक्षार्थियों के लिए है।
अंतिम समय में रेल रिजर्वेशन न मिल पाने की वजह से परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ने का मन बना लिया है। आयोग की ओर से विज्ञापन के समय मात्र 21 जिलों में ही परीक्षा केन्द्र बनाने की बात कही गई थी।
आवेदन के बाद परीक्षार्थियों की संख्या अपेक्षा से अधिक बढ़ जाने के कारण आयोग ने मैनपुरी, मुजफ्फरनगर तथा मथुरा में भी परीक्षा केन्द्र बनाने का फैसला किया है।